Home > Archived > पति को लगी पॉर्न देखने की आदत, पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार, बंद करो ऐसे वेबसाइट्स

पति को लगी पॉर्न देखने की आदत, पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार, बंद करो ऐसे वेबसाइट्स

 Arun Mishra |  16 Feb 2017 5:41 AM GMT  |  नई दिल्ली

पति को लगी पॉर्न देखने की आदत, पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार, बंद करो ऐसे वेबसाइट्स

नई दिल्ली : अपने पति की पॉर्न देखने की आदतों से परेशान एक महिला ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है। दरअसल इस महिला के पति को पॉर्न देखने की इस कदर लत है कि उनकी शादीशुदा जिंदगी पर भी असर पड़ रहा है। 55 साल के पति की इस लत से परेशान आकर महिला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई और पॉर्न साइटों पर बैन की मांग की।

महिला ने अपनी याचिका में कहा, 'मेरे पति को पॉर्न की लत कुछ सालों से है और वह इन दिनों अपना कीमती समय पॉर्न देखने में बिता देते है। पोर्न साइट इंटरनेट पर बहुत है और आसानी से एपलब्ध है। पॉर्न की वजह से मेरे पति का दिमाग खराब हो गया है और हमारी शादीशुदा जिंदगी खराब हो गई है।'

महिला ने कहा कि 30 वर्षों से उनकी शादीशुदा जिंदगी खुशी के साथ आगे बढ़ रही थी लेकिन पॉर्न नाम का हौवा 2015 में उनकी जिंदगी में घुसा। याचिकाकर्ता महिला एस सोशल वर्कर हैं और उनके दो बच्चे हैं।

महिला आगे बताया कि वह और उनके बच्चे पति की इस लत की वजह से बहुत परेशन है। बतौर सोशल वर्कर अपने काम के दौरान भी उन्हें की ऐसे लोग मिले जिनकी निजी जिंदगी पर पॉर्न की वजह से बुरा असर पड़ा, सिर्फ इसलिए कि इंटरनेट पर पॉर्न फिल्म की तादाद है और आसानी से उस तक पहुंचा जा सकता है। महिला ने अपने पति का उदाहरम देते हुए कहा कि अगर इस उम्र के व्यक्ति का दिमाग पॉर्न की वजह से खराब हो सकता है तो मासूम बच्चों और युवाओं का क्या? महिला ने पोर्ट साइट बैन करने की सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है। पोर्न धीरे-धीरे युवाओं को कमजोर बना रहा है। इसका प्रभाव बहुत ही घातक है। निजी जिंदगी पर इसका असर बहुत बुरा है।

गौरतलब है कि पोर्न साइट्स पर बैन के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में सरकार ने भी कहा था कि सभी तरह के पोर्न बेवसाइट्स को बैन करना मुश्किल है। सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि हम मॉरल पुलिसिंग नहीं कह रहे हैं। हम सर्वसत्तावादी देश नहीं बन सकते. ऐसे में हम इंटरनेट पर वेबसाइट्स ब्लॉक नहीं कर सकते, क्योंकि इससे अभिव्यक्ति की आजादी का हनन होता है।

दरअसल, 800 से ज्यादा पोर्न साइट्स पर बैन की खबर से देशभर में विरोध के सुर उठे थे। सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ बयानों की बाढ़ आ गई थी. बाद में सरकार ने चाइल्ड पोर्न को छोड़ बाकी साइट्स से बैन हटा लिया था।

Tags:    
Share it
Top