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नेताओं को संसद में धरना देने के लिए नहीं चुना जाता- राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी

 Special Coverage News |  8 Dec 2016 9:31 AM GMT  |  New Delhi

नेताओं को संसद में धरना देने के लिए नहीं चुना जाता- राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी

नई दिल्ली: नोटबंदी पर सदन में हंगामे को लेकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा संसद में गतिरोध को किसी भी तरह स्वीकार नहीं किया जा सकता। नेताओं को संसद में धरना देने के लिए नहीं चुना जाता। मैं किसी खास व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाना चाहता लेकिन संसद में गतिरोध पैदा करना एक चलन बन चुका है। गतिरोध पैदा करके संसदीय स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया। बता दें की आज भी विपक्ष के हंगामे को लेकर लोकसभा की कार्यवाही 9 दिसंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई।

दरअशल विपक्षी दल के सांसदों ने आज काली पट्टी बांधकर संसद में आये थे और नोटबंदी के एक महीने पूरे होने पर वे मोदी सरकार का विरोध किये। विपक्ष ने लोकसभा में 'प्रधानमंत्री होश में आओ' और 'तानाशाही नहीं चलेगी' के नारे लगाए। संसद परिसर में स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष भी विपक्ष ने प्रदर्शन किया।

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