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दिल्ली के 21 एमएलए का फैसला: चुनाव आयोग को मिली फुरसत, 16 मार्च को होगी फाइनल सुनवाई

 शिव कुमार मिश्र |  4 March 2017 1:45 PM GMT  |  New Delhi

दिल्ली के 21 एमएलए का फैसला: चुनाव आयोग को मिली फुरसत,  16 मार्च को होगी फाइनल सुनवाई

पुष्पेंद्र कुमार

नई दिल्ली: लगता है कि चुनाव आयोग दिल्ली के 21 एमएलए के मामले में फुरसत में ही फैसला करने वाला है। पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों के कारण दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 21 एमएलए के मामले पर जनवरी के बाद कोई सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब आयोग 11 मार्च को पांचों राज्यों के वोटों की गिनती के बाद फुरसत में आ जाएगा तो उसने 16 मार्च को 21 एमएमलए के मामले पर अंतिम सुनवाई करने का फैसला किया है।


आयोग के सेक्रेट्री ए के पटनायक ने इस बारे में इन एमएलए के साथ-साथ यह मामला दायर करने वाले वकील प्रशांत पटेल को भी एक लैटर भेजा है। लैटर में कहा गया है कि इस मामले की फाइनल सुनवाई अब 16 मार्च को दोपहर 3 बजे होगी। अगर उस दिन सुनवाई पूरी हो जाती है तो उम्मीद है कि मार्च महीने में ही इस मामले पर आयोग अपना फैसला भी दे सकता है।


आपको बता दें कि दिल्ली के 21 एमएलए संसदीय सचिव मामले में फंसे हुए हैं। दिल्ली विधानसभा के नियमों के अनुसार दिल्ली में सिर्फ सीएम के ही संसदीय सचिव बनाए जा सकते हैं लेकिन दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2015 में सत्ता में आते ही 21 एमएलए को सभी सातों मंत्रियों का संसदीय सचिव बना दिया था।


यही नहीं, उन्हें कई सुविधाएं भी दे दी थीं जिनमें आॅफिस और जरूरत पड़ने पर गाड़ी भी शामिल है। वकील प्रशांत पटेल ने इसे चुनौती दी और आॅफिस आॅफ प्राॅफिट का मामला बताया। दिल्ली हाई कोर्ट भी फैसला दे चुका है कि दिल्ली में संसदीय सचिव नहीं बनाए जा सकते और पिछले साल उसने इन सारे संसदीय सचिवों को हटा दिया था।

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