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गर्व है ऐसे हिन्दुस्तानियों पर, जो देश का गद्दार है मेरा बेटा नहीं हो सकता!

 शिव कुमार मिश्र |  9 March 2017 5:30 AM GMT  |  New Delhi

गर्व है ऐसे हिन्दुस्तानियों पर, जो देश का गद्दार है मेरा बेटा नहीं हो सकता!

नई दिल्ली: दोनों पिता ने खून के रिश्ते को अहमियत न देते हुए देश को अहमियत दी है. देखिए आतंक के आरोपियों के खिलाफ उनके पिता की सबसे बड़ी गवाही. मध्य प्रदेश के शाजापुर में ट्रेन धमाके के बाद लखनऊ में 11 घंटे तक एनकाउंटर हुआ


. अफगानिस्तान, इराक में बैठकर बगदादी के इस्लामिक स्टेट ने भारत को दहलाने की साजिश रची.मध्य प्रदेश के शाजापुर के पैसेंजर ट्रेन में ब्लास्ट के बाद मध्य प्रदेश और यूपी में धड़ाधड़ कई आरोपियों को पकड़ा गया है. इससे पहले लखनऊ के ठाकुरगंज के घर में छुपे आतंकी सैफुल्ला का एनकाउंटर करना पड़ा. आतंक की पूरे मामले में दो परिवार फंसे हैं.


दो पिता सामने आए हैं क्योंकि दोनों के चार बेटों पर आतंक का कलंक लगा है.एक पिता हैं लखनऊ के ठाकुरगंज के इस मकान में 11 घंटे के एनकाउंटर के बाद मारे गए आतंकी सैफुल्ला के पिता सरताज. दूसरे पिता है नसीम. आतंकी साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार दानिश अख्तर, इमरान और फैसल के पिता नसीम खुद टीचर रहे हैं.देश के हिफाजत में लगी जांच और सुरक्षा एजेंसियों ने बगदादी के प्लान को नेस्तनाबूत कर दिया. फिर भी दो पिता देशभक्ति की कसम खा रहे हैं. उन बेटों को देशद्रोही करार दे रहे हैं जिन्होंने आतंक का रास्ता चुनकर देश और परिवार दोनों से गद्दारी की. इन दोनों पिता के बीच खुद खून का रिश्ता है.

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