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गोटमार मेला: परंपरा के नाम पर 500 से ज्यादा लोग घायल, हाथ बांधकर देखते रहे अधिकारी

 Special Coverage News |  2016-09-03 09:53:28.0  |  छिंदवाड़ा

गोटमार मेला: परंपरा के नाम पर 500 से ज्यादा लोग घायल, हाथ बांधकर देखते रहे अधिकारी

मध्य प्रदेश: छिंदवाड़ा जिले में खेले जाने वाले गोटमार युद्ध में नदी के दोनों किनारे पर मौजूद जुनूनी भीड़ खून की प्यासी हो रही है। लोग एक-दूसरे पर बेतहाशा पत्थर बरसा रहे हैं। किसी का सर फूट रहा है तो कोई खून से लथपथ है। शाम तक युद्ध खत्म होने तक लगभग 500 लोगों के घायल होने की खबर है, जिसमें से कुछ की हालत गंभीर है। हर साल परंपरा के नाम पर जमकर खून बहाया जाता है।कलेक्टर-एसपी सहित 800 कर्मचारियों का अमला हाथ बांधकर इस खूनी संघर्ष को देख रहा है।

दरअसल छिंदवाडा जिले के पांढुर्ना में गोटमार युद्ध खेला जाता है। गोटमार मेले में खिलाड़ी नदी के बीच में गाड़े गए झंडे को बचाने और गिराने की जद्दोजहद करते हैं और एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं। बता दें कि ये खूनी इतिहास 300 साल पुराना है। पांढुर्णा का लड़का सावर गांव की लड़की को लेकर भाग गया था। दोनों गांवों के लोगों के बीच पत्थरबाजी में जाम नदी के बीच दोनों की मौत हो गई। तब से ये हर साल होता है।

1978 से लेकर अब तक के गोटमार मेले के दौरान 13 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग हर साल घायल होते हैं। प्रशासन ने कई बार इस खूनी परंपरा को बंद कराने की कोशिश की है लेकिन सफलता नहीं मिली।

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