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सरकार ने लगाया जुर्माना, प्राइम टाइम में मांगेंगे माफी

 Special Coverage News |  2016-07-25 13:10:06.0  |  New Delhi

सरकार ने लगाया जुर्माना, प्राइम टाइम में मांगेंगे माफी

नई दिल्ली (नवीन कुमार शर्मा): हमारे देश में यदि कोई तंत्र बिना किसी कानून के भय के अपनी मर्जी के अनुसार काम कर रहा हैं तो वह पत्रकारिता ही हैं जहा न किसी तरह की कोई नीति हैं और न ही कोई अंकुश। उनकी किसके प्रति जवाबदेही हैं यह शायद उनको खुद को भी नही पता। जब जैसा मन में आया समाचारो का स्वरूप बना दिया। अपने आपको स्वघोषित निर्णयक भी मान लिया हैं। कभी किसी से यदि साक्षात्कार भी ले रहे हैं तो उनके हाव भाव उसको धमकाने के ही होते हैं। चूँकि पत्रकारिता से जुड़े हुये संघटनो की पहुँच सत्ता के शीर्ष तक होती हैं उसकी वजह से आसानी से छोटे मोठे अधिकारी तो वैसे ही दवाब में आ जाते हैं।

जब कि आज से कई दसक पहले तक बड़े से बड़ा पत्रकार भी जिस तरीके से पत्रकारिता के प्रति समर्पित था वह अनेक नए पत्रकारों को गढ़ने का काम किया करता था और यह तब था जबकि देश में पत्रकारिता के गिने चुने ही संस्थान थे और अधिसंख्य पत्रकार बिना किसी पाठ्यक्रम के ही पत्रकारिता में एक जूनून की तरह लगे हुये थे। उस समय के उन अप्रशिक्षित पत्रकारों की कलम का ही प्रभाव था कि बड़े से बड़ा नेता भी उनके द्वारा पूंछे गये सवालो का जवाब देने से पहले सतर्क हो जाया करते थे क्योकि उनको इस बात का भली भांति आभास होता था कि उनसे प्रश्न करने वाला पत्रकार पहले से विषयवस्तु की जानकारी ले कर आया हैं। मगर आज जितने पत्रकार प्रशिक्षित हो कर निकल भी रहे हैं उनकी क्या स्थिति हैं ये शायद ही किसी से छिपी हो।

उस समय के पत्रकार और अख़बार के समहू अघोषित रूप से इस नियम का पालन करते थे की समाचार के प्रस्तुतिकरण और प्रकाशन में तथ्यों को किसी भी प्रकार से तोडा मरोड़ा न जाये लेकिन आज अर्ध सत्य दिखाना और तथ्यों को अपनी सुविधा के अनुसार छुपाना पत्रकारिता का चलन बन गया हैं और शायद यही प्रमुख कारण भी हैं कि समाचार और पत्रकारों की विश्वशनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगता जा रहा हैं।

हालिया घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर.वी. रवींद्रन की अध्यक्षता वाली एनबीएसए यानि न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ने नियमों का उल्लंघन करने के लिए तीन हिंदी न्यूज चैनलों पर एक एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।एनबीएसए ने यह जुर्माना ईटीवी , एनडीटीवी , न्यूज़24 पर लगाया है साथ ही 25 जुलाई को 9 बजे प्राईमटाइम से पूर्व माफी की खबर दिखाने का भी आदेश दिया है।
एनबीएसए ने एनडीटीवी के हिंदी और अंग्रेजी दोनों न्यूज चैनलों को हिमाचल प्रदेश के नाहन में एक आदमी की हत्या से संबंधित न्यूज रिपोर्ट के लिए ऑन एयर माफी जारी करने को कहा है। एनडीटीवी के दोनों चैनलों ने अपने जवाब में कहा था कि उन्होंने 'कथित तौर पर' शब्दों का इस्तेमाल किया था पर एनबीएसए इस पर संतुष्ट नहीं है और उसने दोनों चैनलों से 25 जुलाई को रात 9 बजे के प्राइम टाइम न्यूज से पहले अपनी सभी खबरों पर माफीनामा दिखाने को कहा है।

विदित हो कि इस चैनल ने बिना किसी सत्यता के एक व्यक्ति की हत्या का जिम्मेदार हिन्दू धार्मिक संगठनो को बता डाला था। घटना अक्टूबर2015 की है।उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नोमान को पशु तस्करी के आरोप में कुछ लोगो ने हत्या कर दी थी। उस वक्त इस घटना को दादरी पार्ट 2 तक बताना से नही चूका गया था। जबकि दादरी का भी सत्य सबके सामने आ गया था। इस कोई इस चैनल के द्वारा पहली बार नही हुआ हैं बार-बार ऐसी हरकतें करके बच निकलने के कारण उनकी इस आदत में बढ़ोतरी होती ही गयी हैं।

एनबीएसए ने एनडीटीवी के अलावा ईटीवी और न्यूज24 पर भी जुर्माना लगाया है। हिंदी न्यूज चैनल न्यूज24 से भी अफसोस जताने और खेद प्रकट करने के लिए कहा गया है। इस चैनल ने अपने एक कार्यक्रम में राजनीतिक दल लोक जनशक्ति के पदाधिकारियों के खिलाफ लोगों को चूना लगाने का आरोप लगाया गया था। न्यूज24 के मालिक पत्रकार राजीव शुक्ला हैं जो की इस समय कांग्रेस के प्रभावशाली नेता भी और पूर्ववर्ती सरकार के प्रभावशाली मंत्रियो में गिनती होती थी। उनके इस न्यूज़ चैनल की आधिकारिक रूप से मुखिया उनकी पत्नी अनुराधा प्रसाद हैं। उनके कार्यक्रमो की प्रस्तुति खुद ही इस बात का संकेत कर देती हैं कि जब सईया भये कोतवाल तो फिर डर काहे का।

एनबीएसए ने ईटीवी को भी कहा है कि वह 25 जुलाई को अपने रात 9 बज के प्राइमटाइम न्यूज बुलेटिनों से पहले माफी प्रसारित करें। एनबीएसए के अनुसार जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुई एक घटना के ईटीवी बांग्ला के कवरेज में निष्पक्षता और वस्तुनिष्ठता का कमी पायी गयी थी। यही नहीं ईटीवी छत्तीसगढ़ ने 'वैम्पायर्स' नामक एक कार्यक्रम में नियमों का उल्लंघन भी किया था।अपने इस कार्यक्रम में भूत-पिशाच और अंधविश्वास को बढ़ावा दिया गया था। ईटीवी उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड को एक मॉल के निर्माण में बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की ओर से अनियमितताओं के आरोप वाली एक न्यूज रिपोर्ट के लिए चेतावनी दी गई हैं।

एनबीएसए ने इन सभी टीवी न्यूज चैनलों पर एक एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। देखना होगा की क्या आज एक बार फिर से रवीश कुमार प्राइम टाइम में स्क्रीन काली करते हुये किसे कोसेंगे अपने आपको या खिस्यानी बिल्ली खंभा नोचे वाली कहावत को चिरतार्थ करते हुये वर्तमान व्यवस्था को दोषी ठहराते हुये अपने आपको अबोध बतायेंगे।

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