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फरीदाबाद में अम्बेडकर की प्रतिमा तोड़ी पुलिस ने, दोषियों के खिलाफ हो कार्यवाही - स्वराज इंडिया

 Special Coverage News |  7 Dec 2016 3:47 AM GMT  |  New Delhi

फरीदाबाद में अम्बेडकर की प्रतिमा तोड़ी पुलिस ने, दोषियों के खिलाफ हो कार्यवाही - स्वराज इंडिया

नई दिल्ली: कमजोर, दलित व अन्याय के शिकार समाज की आवाज डाक्टर भीमराव अम्बेदकर के महापरिनिर्वाण दिवस 6 दिसम्बर के अवसर पर जहाँ देश संविधान निर्माता अम्बेदकर को याद कर रहा है, वहीं हरियाणा में पुलिस उनकी प्रतिमा तोड़ने जैसा घिनौना काम करने में गर्व महसूस कर रही है.
स्वराज इंडिया की तीन सदस्यीय टीम ने हरियाणा में फरीदाबाद जिला के गाँव दौलताबाद में 26.11.2016. को पुलिस द्वारा डाक्टर अम्बेदकर की मूर्ति तोड़े जाने व दलित समुदाय के घरों में घुस कर मारपीट करने की खबर आने के बाद 30.11.2016 को मौके पर जाकर घटना का जायजा लिया, पीड़ित पक्ष व पुलिस अधिकारियों से तथ्यों की जानकारी ली .
इस फैक्ट फाइंडिंग (तथ्य अन्वेषण) टीम की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने हाईकोर्ट द्वारा निर्माण पर लगाई रोक की परवाह न करते हुए उक्त जमीन पर कब्जा लिया व इस दौरान डाक्टर अम्बेदकर की प्रतिमा को तोड़ दिया गया, साथ ही घरों में घुस कर दलित समाज के सैंकड़ो लोगों की बर्बरता पूर्वक पिटाई की गई. जिसमें बुजर्ग, गर्भवती महिलाएं व छोटे बच्चे भी शामिल थे. कई लोगों को गहरी चोटें लगी है. घरों के खिड़की-दरवाजे व घरेलू सामान को भी नुक्सान पहुंचाया गया.
स्वराज इंडिया इस अमानवीय व दलित समाज के प्रति अन्याय कि घटना की की निंदा करता है व मांग करता है :
· सरकार इस घटना की न्यायिक जांच कराये.
· घटना के दोषी अधिकारीयों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाए .
· बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर की प्रतिमा को पुनर्स्थापित किया जाए.
· बेक़सूर लोगों को तुरंत रिहा किया जाए और फर्जी मुकद्दमे वापिस लिए जाएँ.
· इस घटना में घायल हुए लोगों व सम्पत्ति को हुए नुक्सान का मुआवजा दिया जाए.

स्वराज इंडिया द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग टीम ने अपनी जाँच में पाया कि गाँव के लोगों द्वारा गठित दौलताबाद वेलफेयर सोसाइटी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने 10 नवम्बर को तीन अप्रेल 2017 के लिए सरकार को नोटिस जारी किया व तब तक उक्त जमीन में निर्माण सम्बन्धी यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे.

फैक्ट फाइंडिंग टीम के सदस्यों श्री संतोष कुमार (एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट), आशुतोष (सामजिक कार्यकर्ता) व उत्कर्ष (सामजिक कार्यकर्ता) से बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारी पूजा डाबला ने पुलिस द्वारा बल प्रयोग किये जाने से इनकार नहीं किया बल्कि कहा कि जमीन सरकार की थी, जिसका कब्जा लेते समय गाँव वाले पथराव करेंगें तो पुलिस बल प्रयोग करेगी ही .
फैक्ट फाइंडिंग टीम के अनुसार पथराव के नाम पर पुलिस बल प्रयोग करते हुए डाक्टर आम्बेडकर की मूर्ती को तोड़ना व घरों में घुस कर मारपीट करना जायज नहीं ठहराया जा सकता | स्वराज इंडिया पुलिस द्व्रारा इस तरह कानून तोड़ने का विरोध करती है | स्वराज इंडिया हरियाणा सरकार से मांग करती है कि पुलिस द्वारा अपनी मर्जी से क़ानून को परिभाषित करते हुये कमजोर वर्गों पर किये जा रहे हमलों को तुरंत रोके. हरियाणा का न्याय प्रिय समाज किसी भी हालत में पुलिस राज कि स्थापना स्वीकार नहीं करेगा.

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