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नियमों को ताक पर रखकर अलगाववादी नेता गिलानी के पोते को दी सरकारी नौकरी!

 Arun Mishra |  2017-03-04T12:56:08+05:30  |  New Delhi

नियमों को ताक पर रखकर अलगाववादी नेता गिलानी के पोते को दी सरकारी नौकरी!File Photo

नई दिल्ली : पिछले साल जब कश्मीर हिंसा के दौर से गुजर रहा था और पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी द्वारा हर रोज बुलाए जा रहे कश्मीर बंद के आह्वान के कारण कई कश्मीरी युवाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, अलगाववादी आंदोलन के दौरान रोज नौजवानों की लाशें उठ रही थीं, वहीं दूसरी तरफ हुर्रियत कांफ्रेंस के पाकिस्तान परस्त नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के पोते को सूबे की सरकार नौकरी का तोहफा दे रही थी। वो भी नियमों को ताक पर रखकर।

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, गिलानी के पोते अनीस-उल-इस्लाम को जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग की सहयोगी विंग शेर-ए-कश्मीर इन्टरनैशनल कन्वेक्शन कॉम्प्लेक्स (SKICC) में रिसर्च ऑफिसर के तौर पर नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति में राज्य सरकार द्वारा कई नियमों का उल्लंघन किया गया है। अनीस को दी गई इस पेंशन वाली नौकरी की सालाना तनख्वाह 12 लाख रुपये है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर CID की रिपोर्ट के आधार पर राज्य पासपोर्ट ऑफिस ने 2009 अनीस को पासपोर्ट देने से मना कर दिया था। लेकिन बाद में हाई कोर्ट के आदेश पर उसे पासपोर्ट दे दिया गया। इसके बाद अनीस एक बार फिर MBA करने के लिए यूके चला गया। अनीस ने पंजाब के जालंधर से भी MBA किया है। सूत्र ने बताया कि राज्य पर्यटन विभाग सीधे सीएम महबूबा मुफ्ती संभालती हैं और विभाग ने इस पोर्ट पर नियुक्ति के लिए आवेदन जम्मू-कश्मीर स्टेट सबऑर्डिनेट सर्विसेज रिक्रूटमेंट बोर्ड या पब्लिक सर्विस कमीशन के पास नहीं भेजा, जोकि नियुक्त प्रक्रिया का एक आवश्यक अंग है।

हालांकि, टूरिजम सेक्रटरी फारूख शाह ने कहा कि गिलानी के पोते अनीस की नियुक्ति सभी नियम-प्रक्रियाओं के तहत ही की गई है। उन्होंने कहा, 'हमने आवेदन आमंत्रित किए थे जिसमें अनीस को इस पोस्ट के लिए उपयुक्त पाया गया।' वहीं, SKICC ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि टूरिजम सेक्रटरी ने काफी पहले अनीस को नियुक्त कर दिया था लेकिन विभाग ने अनीस को उस समय जगह देने का निर्णय लिया जब गिलानी ने कश्मीर में बंद और विरोध, हिंसा का आह्वान किया। अभी भी अनीस का CID वैरिफिकेशन नहीं हुआ है और उसे सैलरी नहीं मिल रही है। उसे यह सैलरी वैरिफिकेशन पूरी हो जाने के बाद ही मिल सकेगी।

वहीं, इस पद के लिए अप्लाई करने वाले एक अन्य आवेदक ने बताया, 'अक्टूबर 2016 में SKICC द्वारा मेरा आवेदन स्वीकार कर लिया गया था लेकिन मुझे कभी भी इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया गया।' उन्होंने बताया, 'इस पोस्ट के लिए कुल 140 आवेदन आए थे कुछ खासलोगों को छोड़कर ज्यादातर आवेदकों को इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया गया।'

बता दें कि गिलाली की एक पोती एक एयरलाइन्स में क्रू मेंबर के तौर पर काम करती है। गिलानी का एक बेटा नईम डॉक्टर है और पहले वह सरकारी स्वास्थ्य सेवा विभाग में नौकरी करता था। नईम की बड़ी लड़की पिछले साल अक्टूबर 2016 में परीक्षाओं में

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