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B'Day Special : पढ़िए- शिवराज सिंह चौहान का छात्र नेता से प्रदेश के मुखिया तक का सफर

 Arun Mishra |  5 March 2017 12:00 PM GMT  |  New Delhi

BDay Special : पढ़िए- शिवराज सिंह चौहान का छात्र नेता से प्रदेश के मुखिया तक का सफरशिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश

सीहोर : आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जन्मदिन है। शिवराज का जन्म 5 मार्च 1959 को हुआ था। शिवराज सिंह चौहान जन्मदिन के अवसर पर अपने ग्रह ग्राम जैत पहुचेंगे। ग्रह ग्राम जैत में शिवराज सिंह अपना जन्मदिन मनाएंगे।

जिले के नर्मदा किनारे बसे एक छोटे से गाँव जैत की गलियों से निकलकर सार्वजनिक क्षेत्र में आने और फिर संगठन से लेकर सरकार के मुखिया की जिम्मेदारी निभाने में चौहान ने अपनी बेहद अहम भूमिका निभाई है यही वज़ह की आज शिवराज बेहद लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप में जाने जाते हैं।उन्होंने हर तबके के तरक्की के लिए कदम उठाये हैं। यही वजह है कि देश के मुख्यमंत्रियों में उनकी अलग पहचान भी बनी है। राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज जी ने दायित्व संभालने से लेकर अब तक निरंतर गतिशील रहकर जन-जन का कल्याण सुनिश्चित किया है।

ऐसे अनेक अवसर आए जब प्रदेश के किसान अतिवर्षा, बाढ़, दुर्घटनाओं का अनायास शिकार हुए। प्रदेश के नागरिकों की सहायता के लिए जिस ततपरता से मुख्यमंत्री चौहान आगे आते हैं, वो बेमिसाल है। और यही वज़ह है शिवराज का नाम बेहद लोकप्रिय और कामयाब मुख्यमंत्री के रूप में जाना जाता है।

शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। वे 29 नवंबर, 2005 को बाबूलाल गौर के स्थान पर राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। चौहान राज्य में भारतीय जनता पार्टी के महासचिव और अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे 1991 से पांच बार विदिशा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिए भी चुने जा चुके हैं। फिलहाल वे राज्य विधानसभा में सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

1992 में उनका साधना सिंह से विवाह हुआ था और वे दो बेटों- कार्तिकेय सिंह चौहान और कुणाल सिंह चौहान के पिता हैं। उन्होंने बरकतुल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल से दर्शनशास्त्र में स्वर्ण पदक हासिल किया था। वे छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़े रहे हैं। 1975 में वे मॉडल हायर सेकंडरी स्कूल की स्टूडेंट्‍स यूनियन के अध्यक्ष थे। 1976-77 में आपातकाल के दौरान वे जेल भी गए। वर्ष 1977 से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं।

चौहान एक लम्बे समय तक पार्टी की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से भी जुड़े रहे हैं। वे पहली बार राज्य विधानसभा के लिए 1990 में सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट से चुने गए थे। बाद में, वे अगले ही साल विदिशा संसदीय चुनाव क्षेत्र से लोकसभा के लिए पहली बार चुने गए।

शिवराज चार बार लोकसभा के लिए चुने गए और वे लोकसभा तथा संसद की कई समितियों में भी रहे। चौहान 2000 से 2003 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव भी रहे। दिसंबर, 2003 में भाजपा ने विधानसभा चुनावों में अपूर्व सफलता पाई थी और उस समय उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन वे राघौगढ़ विधानसभा चुनाव क्षेत्र से चुनाव हार गए थे।

सीहोर विधान सभा के विधायक सुदेश राय ने बताया कि प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का जन्मदिन जिले भर में सेवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जिले भर में अनेकों कार्य्रकम का आयोजन किया गया है।जिला चिकित्सालय में फल वितरण किया जाएगा एवं रक्त दान कर जिले की जनता को मुख्यमंत्री की योजनाओं को बताकर सेवा दिवस के रूप में मुख्यमंत्री का जन्मदिन मनाया जाएगा।मुख्यमंत्री अपने जन्मदिवस के अवसर पर ग्रह ग्राम जैत भी आएँगे।
रिपोर्ट : नावेद जाफरी

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