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VIDEO : नोट बंदी के कारण नही उठ पाई डोली, पूंछने पर रो पड़ी दुल्हन

 Special Coverage News |  20 Nov 2016 12:08 PM GMT  |  छतरपुर

VIDEO : नोट बंदी के कारण नही उठ पाई डोली, पूंछने पर रो पड़ी दुल्हन

छतरपुर (जयप्रकाश) : पिछले दिनों सरकार द्वारा किये गए नोट बंदी के फैसले पुरे देश में हड़कंप मचा हुआ है तो दूसरी और केंद्र शासन ने ही यह ऐलान किया था की जिन परिवारों में शादी है,वे वेडिंग कार्ड दिखाकर ढाई लाख रुपए कैश बैंक से निकाल सकते हैं। लेकिन कई जिलों में इसका पालन नहीं हो रहा है। ऐसा ही एक मामला छतरपुर जिले के एक गांव में देखने को मिला,जहां बेटी की शादी के लिए बैंक में जमा रुपए निकालने पहुंचे पिता को खाली हाथ लौटना पड़ा।
पैसों के अभाव के कारण शादी टूटने की नौबत आ गई है। इस डर से दुल्हन सहित परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। मामला छतरपुर के बमीठा थाना क्षेत्र के मजोटा गांव का है। यहां रहने वाले गोविंद दास तिवारी की बेटी भावना का विवाह पन्ना जिले के रहने वाले नत्थूलाल तिवारी के बेटे सौरभ से होना तय हुआ था। शादी 2 दिन बाद 21 नवंबर को होना है। शादी की सारी तैयारियां हो चुकी हैं। मेहमान भी घर आ चुके हैं। साजो सामान का भी इंतजाम लगभग हो चुका है। लेकिन,शनिवार को जब लड़की के पिता बैंक पहुंचे तो बैंक ने उन्हें पैसे देने से इनकार कर दिया।

शादी का कार्ड दिखाए जाने के बाद भी बैंक मैनेजर ने बेबस पिता की एक न सुनी और उन्हें पैसे देने से इनकार कर दिया। बैंक से खाली हाथ लौटे पिता का चेहरा देखकर बेटी रो पड़ी। हल्दी और मेहंदी लगवा चूकी भावना को इस बात की चिंता सता रहा है कि शादी में मात्र दो दिन बचे हैं। पैसों की वजह से यदि उसकी शादी टूट गई तो समाज में उसके परिवार की बड़ी बदनामी होगी। शादी टूटने के डर पूरे परिवार में मातम सा छा गया है। वहीँ शादी टूटने के डर से दुल्हन भी रो पड़ी !

लड़की के पिता गोविंद का कहना है कि उसने तिनका-तिनका जोड़कर बैंक में ढाई लाख रुपया जमा कराया था। गोविन्द चाहता था कि बेटी की शादी धूमधाम से हो लेकिन सारे अरमानों पर पानी फिर गया। शादी का समय नजदीक आया तो जब दुल्हन का पिता पैसे निकलवाने के लिए बैंक पहुंचा,लेकिन बैंक मैनेजर ने नोटबंदी के कारण पैसा देने से इनकार कर दिया।
बैंक ने पैसा देने से किया इनकार
मध्यांचल ग्रामीण बैंक के मैनेजर केसी अग्रवाल का कहना है कि गोविंद दास का हमारे बैंक में 2,44,731(दो लाख चवालीस हजार सात सौ इकत्तीस)रुपया जमा है। लेकिन,नोटबंदी के चलते हम महज और अधिकतम 20,000(बीस हजार)ही दे सकते हैं। जबकि गोविंद दास 2,40,000(दो लाख चालीस हजार)रुपये मांग रहे हैं जो कि हम नहीं दे सकते। इतना ही नहीं बैंक मैनेजर ने यहां तक कह दिया कि लोगों को यह फैसिलिटी देने में अभी एक हफ्ते का वक्त लग सकता है,क्योंकि उन्हें आरबीआई से इस बारे में किसी तरह के ऑर्डर नहीं मिले हैं।

कलेक्टर ने कहा जल्द निकाल लेंगे कोई हल
समय की अहमियत और मामले की गंभीरता को देखते हुए जब जिला कलेक्टर रमेश भंडारी से फोन पर बात की गई तो उन्होंने मुख्यालय से बाहर होने की बात कही। उन्होंने कहा कि वक्त की नज़ाकत और मामले की गंभीरता को देखते हुए समस्या का हल जल्द से जल्द कर दिया जाएगा।

देखें वीडियो :


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