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RSS एक लत की तरह इसके आदि कहीं और नहीं जा सकते: मोहन भागवत

 Special Coverage News |  2 Dec 2016 6:34 AM GMT  |  New Delhi

RSS एक लत की तरह इसके आदि कहीं और नहीं जा सकते: मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( RSS) को दुनिया में मानव विकास का एक अनूठा मॉडल बताते हुए इसके प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि लोग अपनी इच्छा से संघ में शामिल होने या इसे छोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं। संगठन की स्थापना के 90 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आरएसएस को समझने के लिए व्यक्ति को खुले विचार का होना चाहिए और उसके भीतर जिज्ञासा होनी चाहिए। भागवत ने आरएसएस को एक लत बताया और कहा कि जो इसके आदि हो जाते हैं, वे कहीं और नहीं जा सकते। यही वजह है कि कुछ लोग इस संगठन में शामिल नहीं हो सकते। कोई भी अपनी इच्छा से इसमें शामिल होने या इसे छोड़ने को स्वतंत्र है।

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