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छत्तीसगढ़: सुप्रीम कोर्ट के आर्डर पर भी नहीं हुई कार्रवाई, भीड़ के आगे प्रशासन बेबस

 Special Coverage news |  2016-07-04 07:00:41.0  |  रायपुर

छत्तीसगढ़: सुप्रीम कोर्ट के आर्डर पर भी नहीं हुई कार्रवाई, भीड़ के आगे प्रशासन बेबस

छत्तीसगढ़: राजधानी रायपुर में महादेव घाट स्थित हनुमान मंदिर को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। भाजपा, शिवसेना, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठन जहां मंदिर को तोड़े जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विरोध कर रहे हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करा पाने के लिए हमर संगवारी संस्था ने निगम प्रशासन को दोषी बताया है।

15 मई को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से महादेव घाट पर बने इस मंदिर और 19 दुकानों को हटाने के ऑर्डर मिले थे। यह मंदिर छगन लाल गोविंद राम ट्रस्ट की तरफ से बनाया गया था। इस ट्रस्ट के प्रमुख विधान सभा के स्पीकर गौरी शंकर अग्रवाल हैं।

कोर्ट के ऑर्डर में इस मंदिर को अवैध बताया गया था। इस मुद्दे ने ज्यादा तूल इसलिए पकड़ लिया क्योंकि यह विधानसभा के स्पीकर के ट्रस्ट ने बनाया था और उसके 'प्राण प्रतिष्ठान' में सीएम रमन सिंह भी पहुंचे थे। मई में सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद बीजेपी के 34 विधायकों ने राज्य सरकार को मंदिर बचाने के लिए चिठ्ठी भी लिखी थी।

जिला प्रशासन की एक टीम रविवार (3 जुलाई) को मंदिर गिराने के लिए पहुंची थी। लोगों की भीड़ के आगे बेबस प्रशासन ने हालात बिगड़ने के डर से प्लान कैंसल कर दिया। इस मुद्दे पर फिलाहल सीएम रमन सिंह जहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने के पक्ष में नजर आ रहे हैं वहीं बीजेपी के कई विधायक समेत कांग्रेस भी मंदिर को गिरने नहीं देना चाहती। अब सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर पर अगली कार्रवाई कब और क्या होगी यह साफ नहीं है।

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