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मां-बाप की दरिंदगी दो बच्चियों को बंद कमरे में मरने के लिए छोड़ा

 Special Coverage News |  2016-08-26 09:31:50.0  |  new delhi

मां-बाप की दरिंदगी दो बच्चियों को बंद कमरे में मरने के लिए छोड़ा

नई दिल्ली: दिल्ली के समयपुर बादली में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां कलयुगी मां-बाप अपनी दो बेटियों को घर में अकेला बंद करके चले गए। दोनों बच्चियों को मुर्दों जैसे हालत में उनके घर से बरामद किया गया है। बाप उन पर सितम ढाता रहा और मां इकलौते बेटे को साथ लेकर कहीं चली गई।

इस समय इन दोनों बच्चियों का अम्बेडकर अस्पताल में इलाज चल रहा है। 15 अगस्त जब देश आजदी के जश्न में डूबा था तब इन दोनों बच्चियों को इनके पिता ने हमेशा के लिए घर की चार दिवारी में कैद कर दिया। वहीं करीब दो महीने पहले इन दोनों बच्चियों की मां भी अपने बेटे के साथ इन्हें हमेशा के लिए अकेला छोड़ कर चली गई।

बच्ची का कहना है कि अब इन्हें अपने माता-पिता के पास नहीं जाना है। फिलहाल अस्पताल और पुलिस इन दोनों बच्चियों का ध्यान रख रही है। ये दोनों अब हमेशा के लिए यहीं रहना चाहते हैं। समयपुर बादली थाने के कॉन्सटेबल अशोक इन दोनों बच्चों की देखभाल कर रहे हैं। खाने-पीने से लेकर अस्पताल में दवाई तक सबका ध्यान अशोक ही रख रहे हैं।

बच्चियों के मां बाप की खोज में जुटी पुलिस को उनकी दादी के बारे में पता चला. करीब 80 साल की बुजुर्ग रामेश्वरी देवी ओल्ड एज होम में रहती हैं। पता चला कि उनके बेटे बंटी ने उन्हें घर से निकाल दिया था।

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