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जयपुर : जनता की आवाज बने प्रताप सिंह

 Arun Mishra |  28 Nov 2016 12:07 PM GMT  |  जयपुर

जयपुर : जनता की आवाज बने प्रताप सिंह

जयपुर (व्यूरो चीफ राजस्थान मो. हफीज) : हमारे देश में लोकतान्त्रिक शासन प्रणाली के अंतर्गत हर राज्य में एवं देश में हजारो नेता चुनाव जीतकर जन प्रतिनिधि पांच वर्ष के लिए बन जाते है। सही मायने में जन प्रतिनिधि से जनता के नेता इनमे से कुछ ही बन पाते है। अधिकांश नेता चुनावी लहर में चुनाव जीतकर सांसद विधायक बन जाते है परन्तु इनमे से कुछ ही काल के कपाल पर अपने पद चिन्हों से अमिट छाप छोड़ने में सफल होते है। राजस्थान की राजधानी में भी एक ऐसा जन नायक है जो सदैव जनता के हितो के लिए संघर्षरत रहता है। जिसके पद चिन्हों की धमक से उसकी अपनी पार्टी कांग्रेस के साथ भाजपा के नेताओ को भी खोफजदा कर देती है। राज्य की राजधानी जयपुर उस नेता की कर्म स्थली है यहाँ से जनता की आवाज बने युवा तुर्क प्रताप सिंह खाचरियावास ने निर्दलीय के रूप में अपने चुनाव की शुरुआत की थी।

निर्दलीय के रूप में प्रताप ने अपना वोट बैंक सत्तर हजार से अधिक का स्वयं अपने बलबूते पर खड़ा कर लिया था। इससे पूर्व छात्र जीवन में प्रताप राजस्थान यूनवर्सिटी के अध्यक्ष का चुनाव जीतकर छात्र संघ अध्यक्ष भी बन चुके है। कहते है बरगद के विशाल पेड़ की छाँव में कोई दूसरा वृक्ष नही उगता है। प्रताप सिंह के पिता के सगे भाई भैरो सिंह शेखावत राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री के साथ देश के उपराष्ट्रपति रहे है। अपने परिवार के इस विशाल राजनेता की छाया से दूर रहकर अपने संघर्ष के अथक प्रयासो के बल पर भेरो सिंह जी की भाजपा और कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों के बीच में रहकर निर्दलीय के रूप में सत्तर हजार से अधिक वोट प्राप्त करके राजधानी में प्रताप अपना लोहा मनवा चुके है। भाजपा के युवा मोर्चा के अध्यक्ष के पद को ठुकराकर अपनी कर्म स्थली जयपुर को प्रताप ने अपने सीने में बसाए रखा था। युवा मोर्चा भाजपा के अध्यक्ष के पद को ठुकराने के बाद कांग्रेस आलाकमान को प्रताप के मोल का पता चला।

कांग्रेस पार्टी ने जयपुर लोक सभा से फिर प्रताप सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया। वर्ष 2008 के राज्य के विधान सभा चुनावो में प्रताप सिंह सिविल लाइंस विधान सभा सीट से विधायक चुने गए। प्रताप सिंह की ओजस्वी आवाज जनता के दिलो को छूने लगी। विधायक के रूप में प्रताप सिंह ने राजस्थान की धरती के हर कोने के लोगो की मदद की। समय के साथ प्रताप सिंह की आवाज राज्य के हर क्षेत्र के निवासियों के दुख दर्द की दवा बनाने लगी। राज्य की राजधानी में एक समय ऐसा भी आया जब भेरो सिंह की मृत्यु उपरान्त उनकी पार्टी भाजपा के नेताओ ने ही उन्हें भुला दिया। राज्य के कद्दावर भाजपा नेता की अंत्येष्ठी स्थल के लिए अपनी सरकार के मुख्यमंत्री से भूमि उपलब्ध कराकर प्रताप सिंह ने अपने घर परिवार के साथ राजपूत समाज में अमिट छाप छोड़ी।

जयपुर के विद्याधर नगर में भेरो सिंह शेखावत की विशाल समाधि स्थल अपने प्रयासों से प्रताप ने बनवाई। यह बात भी पूर्ण रूप से सत्य है कि भेरो सिंह शेखावत के जीवन काल में कभी भी प्रताप भाजपा में अपनी जगह नही बना पाए थे परन्तु भेरो सिंह शेखावत की मृत्यु को प्रताप ने अविस्मरणीय बनाने के कोई कसर नही छोड़ी थी। दिनों दिन प्रताप के बढ़ते हुए राजनैतिक प्रभाव के कारण राजधानी के कांग्रेसी नेता भयभीत होने लगे। राज्य के अगले विधान सभा चुनाव में प्रताप सिंह कांग्रेस के नेताओ की कुटिल चालो का शिकार बन गए। परिणाम स्वरुप प्रताप सिंह भाजपा के अरुण चतुर्वेदी से सिविल लाइन विधान सभा क्षेत्र से विधायक का चुनाव हांर गए। प्रताप सिंह के चुनाव हारने से विपक्षी पार्टी कांग्रेस के साथ राज्य की जनता की आवाज विधान सभा से सडको तक गुम हो गयी।

कांग्रेस के आलाकमान ने प्रताप सिंह को जयपुर शहर कांग्रेस का अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस व् जनता की मंद पड़ चुकी आवाज को फिर से जीवनदान दिया है। जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में आज सम्पूर्ण भाजपा सरकार के साथ उसके प्रशासन पर प्रताप सिंह की आवाज का भय देखा जा रहा है।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व् अमित शाह की कुशाग्र भाजपा के साथ राज्य की चंचल चतुर राजे सरकार की नीतीयो पर प्रताप सिंह का विरोध भारी पड रहा है। प्रताप सिंह ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अपने संघर्षशील झुझारू नेतृत्व के बल पर राजधानी की मृत प्राय: कांग्रेस में नई जान फूंकी है। कांग्रेस का आम कार्यकर्त्ता भी अपने अपने वार्डो में भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों को उजागर कर रहा है। कुछ व्यक्ति अपने संघर्ष के बल पर विराट रूप धारण कर लेते है। कालांतर में ऐसे ही व्यक्तियों का व्यक्तित्व विशाल रूप लेकर संस्था बन जाता है। अपने कर्मो से प्रताप भी आज संस्था बन गए है इनके प्रताप से राजधानी के निर्बल दुर्बल व्यक्ति भी सबल बन रहे है। चुनाव जीतने वाले नेता बहुत है पर लोगो के दिल जीतना एक अलग ही बात है।

प्रताप सिंह की कार्य शेली के कारण प्रताप सिंह की कमी राज्य की विधान सभा से लेकर जनता तक को खल रही है जनता की पीड़ा को अपनी पीड़ा मानकर उसके निदान के लिए आज भी प्रताप सिंह तत्पर रहते है। प्रदेश भाजपा के कार्यालय में जन सुनवाई में पहुँचने वाले लोगो की संख्या से ज्यादा भीड़ प्रताप के घर मिलती है। कुछ तो कारण है कि जनता इस युवा नेता को भुला नही पा रही है आने वाले विधान सभा चुनावो में प्रताप सिंह जीतेंगे। जनता की यह भावना राजधानी की सडको पर गूंज रही है। जयपुर शहर की जनता जिंदादिल प्रताप के साथ भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध अब सडको पर कर रही है। यह भाजपा के पतन के साथ कांग्रेस पार्टी के लिए शुभ संकेत है।

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