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हैमन्त गैरा के नेतृत्व में रामनामी लूट का केन्द्र बना नगर निगम जयपुर!

 Arun Mishra |  2017-03-09T13:35:01+05:30  |  New Delhi

हैमन्त गैरा के नेतृत्व में रामनामी लूट का केन्द्र बना नगर निगम जयपुर!

जयपुर : राज्य सरकार के तीन वर्ष से अधिक के शासन काल के समय में एक बार भी ऐसा प्रतीत नही हुआ है कि राजधानी की सरकार नगर निगम जयपुर जनता की सेवा के लिए तत्पर है। राज्य सरकार के शासन काल की बहुसंख्यक उपलब्धियों में एक अति विशिष्ठ उपलब्धी यह भी है कि जेडीए नगर निगम जयपुर में रामनामी लूट की आकर्षक योजनाऐं बैखोफ चलती है। रामनामी लूट से घर भरो, कम तोलो जोर से बोलो जय श्री राम पर यहां जनता को मिलता है किलो का आठ सौ ग्राम, जी हां भाजपा के राम राज में अब सारे मिलावट राम देश भक्ती के आचरण में ढलकर बेईमानी कर रहें है।

राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट, अन्तकाल पछताएगा प्राण जाऐगें छूट इसलिए जयपुर नगर निगम में हैमन्त गैरा आयुक्त की लूट के आकर्षक मुहावरें इन दिनों सम्पूर्ण शहर में चर्चा में है। राज्य में सरकारी खजाने को लूटने के साथ बड़ी बेदर्दी बेरहमी से इन दिनों राज्य के प्राकृतिक संसाधनों जल जमीन जंगलो को लूटा जा रहा है। लुटेरों की सरकार का एक कुख्यात चेहरा जयपुर नगर निगम का आयुक्त हैमन्त गेरा है।

वैसे इस समय राज्य के पूरे स्वायत शासन विभाग में ही भांग पड़ी हुई है। इससे पूर्व राज्य के स्वायत्त शासन सचिव मंजीत सिंह व पवन अरोड़ा डी एल बी निर्देशक भी राजकोष को जमकर चूना लगाते पकड़े गए है। इसकी खबरें भी अखबारों में छपी है। जयपुर शहर में आज अवैध निर्माण हैमन्त गेरा की मण्डली के लिए वरदान बन गया है। निगम के विभिन्न जोन अधिकारी पहले अवैध निर्माण को रोकने के लिए खूब कागजी कार्यवाही करते है। इस कागजी कार्यवाही में प्रत्येक कागज चलाने के लाखों रूपये निगम के भृष्ट अफसरों द्वारा वसुले जाते है। कागजों में अवैध रूप से बनाये गये भवनों को फिर तोड़ने के बजाये सीज करने का उपक्रम किया जाता है। यदि कोई अवैध भवन निर्माण कर्ता भृष्ट हैमन्त गेरा की अवैध मांग को पूरा कर देता है तो फिर कागजों में ही सीज किये गये अवैध भवन की सील कागजी बनकर रह जाती है।

नगर निगम की कागजी सील का भवन निर्माणकर्ता अपने भ्रष्टाचार के विधि विधान से अन्तिम क्रिया क्रम करके हैमन्त गेरा के भृष्टाचार की सीवर लाइन जो गेरा के भृष्ट शरीर में छिपी है उसमें बहा देता है। तब निगम के सील लगे होने के उपरान्त भी अवैध रूप से बने भवन में फिर कई मंजिलों का निर्माण हो जाता है। सारे नियम कानून कायदों हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की इन दिनों नगर निगम जयपुर में होली जल रही है। सम्पूर्ण कानून कायदे भृष्ट हैमन्त गेरा की टीम की लूट के सामने बोने बन गये है।

गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा है कि तुलसी दयाना छोड़िये जब तक रहे घट में प्राण मगर रामजादों की रामनामी लूट के सामने दया, धर्म, संस्कृति सारे आदर्श आज अपने प्राणों की भीख मांगने के लिए त्राही माम त्राही माम कर रहें है। राज्य की सरकार के सामने कोई बोलने वाला अब शायद दूर-दूर तक नही बचा है। ऐसे अन्धकार में सिर्फ हैमन्त गेरा ही अपने भृष्ठ आचरण के बल पर दानव ज्योती जलाकर भृष्ट राज्य सरकार की अन्धी राहों को ज्योतीमान कर रहे हैं।

हैमन्त गेरा की भृष्ठ मण्डली में नगर निगम जयपुर के विद्याधर नगर जोन के भृष्ठ उपायुक्त सोहन लाल गजधर, राजेन्द्र सैनी, मुकेश कुमार के कारनामे भी कुछ कम नही है। वी.डी. जोन के भृष्ठो के कारण सम्पूर्ण शास्त्री नगर वार्ड 23, 24, 79, 80, 81, 82 झोटवाड़ा, सिरसी रोड़ व मुरलीपुरा में अवैध निर्माण की बाढ़ आयी हुई है। वी.डी. जोन के गजधर की सुना है सीधी पहुॅच हैमन्त गेरा की पत्नी से है इस कारण राजेन्द्र सैनी गजधर व मुकेश स्वामी जे.ई.एन. की लूट की सम्पूर्ण इलाके में धूम मची हुई है। शास्त्री नगर के कांवटिया सर्किल पर सी-31 भवन की अवैध बिल्डिंग लगातार एक वर्ष से सड़क की फुटपाथ पर कब्जा करके बनती रही है। क्या मजाल है कि इस अवैध भवन के विरूद्ध निगम के भृष्ठों के कानों पर जनता की शिकायतों पर जू भी रेंगी हो।

आम जनता ही की क्या बात है हमनें स्वंय कई बार वार्ड 23 में बन रहे अवैध भवनों की शिकायत भृष्ठ उपायुक्त सोहन लाल को की परन्तु कोई परिणाम नही निकला। प्रत्येक शिकायत पर गजधर राजेन्द्र अवैध निर्माणकर्ता के पास जाकर लाखों रूपये हैमन्त गेरा की पत्नी और भृष्ट उपायुक्त सोहन लाल के नाम पर वसूल कर खा जाता है। सम्पूर्ण क्षेत्रीय इलाके में इस समय अवैध भवन निर्माण कर्ताओं में राजेन्द्र सैनी की हैमन्त गैरा के घर के बेड़रूम तक पहुॅच होने की चर्चा आम हो रही है। वीडी जोन में ही प्रतिदिन 5 से दस लाख रूपये प्रतिदिन की अवैध निर्माण की वसूली की जा रही है।

नगर निगम जयपुर के सारे जोनों में इस समय प्रतिदिन करोड़ो रूपयों की वसूली अवैध निर्माण के नाम पर की जा रही है। इसी प्रकार सिविल लाइंस जोन में भृष्ट तोफीक राजस्व अधिकारी की लूट के चर्चे आम है। ये भी प्रतिदिन लाखों रूपये लेके घर जाते है। हैमन्त गेरा की उंगाही करने वाली टीम के विरूद्ध काफी कुछ अखबारों में छपता भी रहता है, परन्तु हैमन्त गेरा की लूट की राशि सीधे उपर जाती है। अब यह उपर वाला यहां कौन है, यह भी जांच का विषय है। कुछ निगम कर्मियों की अगर माने तों इस अवैध लूट की राशि का बड़ा भाग सी.एम.ओ में बैठे तन्मय तक जाता है।

बिहार चुनाव में लगा लालू नीतीश का नारा एक बिहारी सब पर भारी इन दिनों बिहार से आकर राज्य की राजधानी जयपुर में पूर्णतया सच बन गया है। तन्मय कुमार की भृकृटी तन जाने पर अच्छे-अच्छों के पसीने आ जाते हैं। बिहार की राजधानी पटना में ही नही जयपुर में भी एक बिहारी सब पर भारी है। देश भर में भृष्टाचार मिटाने का ढिंढोंरा पीटने वाले देश के प्रधानमंत्री की भी अब राज्य में ज्यादा नही चलती है। इस कारण राज्य में अब निरकंुंश लूट का कारोबार कुछ ज्यादा ही चल रहा है।

जल, जमीन, जंगल को लूटने वालों के मन में कब दया आयेगी। कहते है श्री राम दया के सागर है परन्तु यहाँ तो बड़ी बेरहमी से रामजादे ही रामनामी लूट में लगकर अपने घर भरने में लगे है। प्रदेश की जनता भी अब तो बस राम भरोसे जीवन जी रही है। तेरा राम ही करेगें बैड़ा पार शायद भगवान राम ही अब तो भृष्ट गैरा व रामजादों की मति फेरेंगे। तब तक जनता चुनाव के इंतजार में बस प्रार्थना ही करती रहेगी।
मो. हफीज, व्यूरो चीफ, राजस्थान

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