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वैलेंटाइन डे स्पेशल: यहां लगता है प्यार करने वालों का मेला,खाते है उम्र भर साथ निभाने की कसमें

 Special Coverage News |  13 Feb 2017 12:19 PM GMT  |  अनूपगढ़

वैलेंटाइन डे स्पेशल: यहां लगता है प्यार करने वालों का मेला,खाते है उम्र भर साथ निभाने की कसमें

बीकानेर : श्रीगंगानगर जिले के बिंजौर में एक ऐसी जगह भी है जहां प्यार करने वालों के लिए हर दिन वैलेंटाइन डे होता है. और प्यार करने वालों का यहां सालों भर आना-जाना लगा रहता है. प्रेमी प्रेमिका यहां सजदा कर एक-दूसरे का साथ उम्रभर निभाने की कसमें खाई जाती हैं और मन्नतों के धागे बांधे जाते हैं. दरअसल, हम बात कर रहे हैं भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की कंटीली तारों के पास प्रेमी-प्रेमिकाओं के लिए सुकून भरी लैला-मजनूं मजार की. यह मजार श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ में सरहद से 10 किलोमीटर दूर बिंजौर गांव में है. यूं तो यहां हर साल जून के महीने में मेला लगता है. लेकिन सरहद पर युवा वर्ग और प्रेमी जोड़ों का आना-जाना रोज का है. खासतौर पर वैलेंटाइन डे के दिन पिछले कई सालों यहां मेले जैसा हुजूम लगने लगा है. प्यार एवं सद्भावना का पैगाम देती लैला मजनूं की इस मजार पर श्रद्धा और आस्था के फूल चढ़ाने वालों में नव विवाहित, प्रेमी-प्रेमिकाओं की संख्या अधिक होती है. प्रेमी-प्रेमिकाओं द्वारा चद्दर, नमक, झाड़ू ,नारियल तथा प्रसाद आदि चढ़ाया जाता है. सीमा पर स्थित लेला मजनू की मजार किसी एक संप्रदाय की नहीं बल्कि सभी धर्म और जाति के लोगों में आकर्षण तथा आस्था का केंद्र बनी हुई है.



मजार के सेवादार हुकुम सिंह के मुताबिक यह धारणा है कि लैला मजनू ने पाकिस्तान से आकर यहां दम तोड़ा था. हुकुम सिंह के अनुसार सरहदी क्षेत्र होने के कारण भारतीय सेना के जवानों के लिए भी यह मजार आस्था का केंद्र है. जून माह में लगने वाले लैला मजनू मेले में प्रेमी जोड़ो के महिला एवं पुरुष कबड्डी, वोलीबाल व कुश्ती प्रतियोगिता का भी आयोजन होता है. इसमें राजस्थान हरियाणा पंजाब की टीम में भाग लेती हैं. मेले में गायक कलाकारों द्वारा कव्वाली का कार्यक्रम भी पेश किया जाता है. मेला कमेटी के सदस्यों और अन्य बुजुर्गों के अनुसार तारबंदी से पूर्व पाकिस्तान से भी बड़ी संख्या में लोग यहां आते थे. लेकिन सन् 1971 के बाद मेले में पाकिस्तान से लोगों का आना लगभग बंद हो गया. हालांकि मजार के प्रति आस्था और श्रद्धा का आलम सीमा के इस तरफ से लगातार बढ़ता जा रहा है.

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