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बीजेपी की सरकार ने अपने ही दलित महिला विधायक पर कराया अत्याचार, पति का तोडा हाथ

 शिव कुमार मिश्र |  2017-03-05T14:11:07+05:30  |  जयपुर

बीजेपी की सरकार ने अपने ही दलित महिला विधायक पर कराया अत्याचार, पति का तोडा हाथ

राज्य में इस समय सम्पूर्ण देश की भांती राज्य की सत्ता पर व्यक्तिवादी निरकुंश नेताओ ने कब्जा कर लिया गया। देश भक्ती की खुमारी में डूबे सत्ताधारी नेताओ द्वारा लोगों की पीड़ा को व्यक्त करने का माध्यम बनने वाली जुबानो को संगीनो के पहरे में रखकर बेजुबान बनाया जा रहा है। देशभक्ती राष्ट्र भक्ति की नई-नई परिभाषाऐं गढ़ी जा रही है। मैं जो चाहूं मेरी मर्जी है आप जो भी चाहोगे उस पर मेरी मर्जी चलेगी, आप कब क्या और क्यों बोलोगे यह भी मेरी मर्जी तय करेगी, आप क्या हो किस खेत की मूली हो?

सम्पूर्ण देश में एक अलग ही प्रकार का वैचारिक द्वन्द रचने वालों ने राज्य में भी आतंक और भय का वातावरण बनाने के लिए सत्ता का डंडा हाथ में ले रखा है। राज्य की सबसे बड़ी पंचायत राज्य की विधानसभा में भी अब तो विधायकों को अपने ही दुख दर्द बयान करने के लिए डराया धमकाया जा रहा है। राज्य सरकार की दलित महिला विधायक चन्द्र कान्ता मेघवाल की आवाज पर सरकार की संगीनों का पहरा लगा हुआ है। जुल्म पर जुल्म है ताकीद है जालिम की, काट डालूंगा जुबां अगर तूने फरियाद की क्या अजब सितम है सितमगर तेरी नजदीकी तेरी मोहब्बत भी जूर्म है और तेरे जुर्म पर मेरी फरियाद भी अब तुझे जुर्म नजर आ रही है।


यहाॅ गौरतबल होगा की राज्य की कोटा जिले की रामगंज मण्डी की दलित महिला विधायक चन्द्र कान्ता मेघवाल को कोटा शहर के एक थाने में जमकर पीटा गया। कोटा के इस थाने में बन्द अपने कार्यकर्ता को छुड़ाने के लिए विधायक पति ने अपने प्रभाव का उपयोग किया इस पर पुलिस थाना प्रभारी कुछ नाराज हो गये। कुछ समय पश्चात महिला विधायक अपने पति व कुछ कार्यकर्ताओ के साथ कोटा के महावीर नगर थाने में पहुँच गई. थाना प्रभारी को यह बात चुभने लगी की एक दलित जाती की महिला विधायक और उसका पति कार्यकर्ताओ के साथ थाने में आकर थाने के काम में हस्तक्षेप करें प् थाना प्रभारी द्वारा विधायक और उसके पति को जाति के आधार पर धमकाने पर थाना प्रभारी व विधायक पति के बीच हाथापाई हो गयी।


कोटा शहर के महावीर नगर थाने में राज्य की दबंग मानी जाने वाली जाती के थानेदार डिप्टी एसपी पुलिस अधीक्षक के मुंह लगे होने के कारण महावीर नगर थाना पुलिस कुछ ज्यादा ही दबंगई कर रही थी. थाने में घुसकर जाट जाती के पुलिस थाना प्रभारी को एक दलित के थप्पड़ मारने का कुछ ज्यादा दुखरू हो गया। जाट जाति की दबंगई के कारण विधायक व उसके पति की पुलिस ने फिर जमकर डंडो जूते चप्पलों से खातिरदारी कर दी। महिला दलित जाती की विधायक व उनके पति के पिटने के वीडीयो वायरल हो गये हैं। दबंग थाना प्रभारी की पुलिस का पुरूषार्थ दलित महिला पर पूर्णरूप से जोर आजमायश कर बैठा। यहाॅ गौरतबल होगा कि आज भी राज्य में जाट बहुल इलाकों में दलितो को सर्वाधिक अपमान झेलना पड़ता है। दलितों की भूमि हड़पना ब्याज की किस्त के रूप में दलितों की बहन बेटियों की असमत मांगना उनके साथ दुराचार करना राज्य में एक आम बात है।


दुर्भाग्य से भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही राज्य में दलितों पर अत्याचार शुरू गये है प् नागौर जिले में दलितों के साथ मेड़ता तहसील के डागांवास गांव में पूर्व में भी अत्याचार हो चुके है। झुन्झुनूए हनुमानगढ़ जिलो में दलितों के साथ अनेक अमानवीय घटनाऐं घट चुकी है प् कोटा शहर में दलित विधायक को पीटने वाले थानाधिकारी सिपाही डिप्टी एस.पी. व जिला पुलिस अधिक्षक एक ही जाती के है। अम्बेडकर वेलफेयर सोसायटी की और से संस्था के महासचिव अनिल गोठवाल ने इस घटना की निंदा की है। संस्था की और से राज्यपालक को ज्ञापन देकर दलित विधायक के साथ हो रही अन्यायपूर्ण घटना में लिप्त पुलिस वालों पर मुकदमा दर्जकर उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई है। राज्य में एक दलित विधायक ही जब अन्याय की शिकार बन गई तो फिर आम आदमी के साथ क्या घटित हो रहा होगा। इस सवाल को उत्तर शायद रामजादों की रामभक्त सरकार के कर्णधारों से नही मिले परन्तु जनता के मन में तो यह सवाल घूम रहें हैं और चुनाव तक घूमते रहेगें ?

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