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राजस्थान में उठी आवाज: राज्य में पूर्ण शराब बंदी लागू हो

 शिव कुमार मिश्र |  5 March 2017 8:08 AM GMT  |  New Delhi

राजस्थान में उठी आवाज:  राज्य में पूर्ण शराब बंदी लागू हो

जयपुर से हिमा अग्रवाल की रिपोर्ट

सम्पूर्ण शराब बंदी और सशक्त लोकायुक्त की मांग के साथ आन्दोलनरत संग़ठन जस्टिस फॉर छाबड़ा जी की राष्ट्रीय अध्य्क्ष पूनम अंकुर छाबड़ा ने एक प्रेस नोट जारी कर प्रदेश सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ 7 मार्च 2017 को विधानसभा घेराव करने की घोषणा की ।

पूनम अंकुर छाबड़ा ने कहा कि पूरे देश में शराब बंदी के पक्ष में लहर चल रही है ,वँही बिहार गुजरात समेत अन्य राज्यों में सफल रुप से शराब बंदी जारी है ।

तमिलनाडु में भी शराब की दुकानों की संख्या भारी मात्रा में घटाकर सरकार शराब बंदी की ओर प्रदेश की सरकारे अग्रसर है, उत्तराखंड सरकार ने भी शराब बंदी पर चर्चा आरम्भ की तो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी चौहान भी प्रदेश मे शराब बंदी पर योजना बना रहे है ।

इसके विपरीत धार्मिक प्रदेश राजस्थान में प्रदेश सरकार शराब हितैषी सरकार बनी नजर आ रही है।

राज्य सरकार ने पहले अमर बलिदानी पूर्व विधायक श्री गुरुशरण जी छाबड़ा साहब् शराब बंदी के अग्रदूत के साथ समझौता किया और बाद में उनके संग़ठन जस्टिस फॉर छाबड़ा जी की राष्ट्रीय अध्य्क्ष पूनम अंकुर छाबड़ा के 3 नवंबर 2016 से जारी आमरण अनशन के बाद सरकार के आला केबिनेट मंत्रियो की मध्यस्ता में सरकार के आला अधिकारियो ने समझौता कर पूर्ण आश्वाशन देकर उनका अनशन स्थगित करवाया।
अब तक उस समझौतों को लागू नही कर जन आंदोलन की भावना का अपमान किया जा रहा है । प्रदेश के सुखमय हित के लिए प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी के लिए सरकार को साकारात्मक रुप से कदम बढ़ाना चाहिए, जबकी सरकार की नई आबकारी निति तो पूरे प्रदेश में शराब बिक्री बढ़ाने पर तुली है ।

नई आबकारी नीति से सरकार की नियत का साफ पता चलता है कि सरकार पूरे प्रदेश का अमन चैन इस शराब के माध्यम से बर्बाद करना चाहती है। सरकार बार बार अपने वादो से पीछे हट कर असेवेदंशीलता का परिचय दे रही है। जिसे प्रदेश की जनता अब सहन नहीं करेगी क्योकि प्रदेश की जनता ने पूनम अंकुर छाबड़ा के साथ पूरे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर शराब बंदी के लिए प्रदर्शन कर जिला क्लेक्टरो के माध्यम से प्रदेश की मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज अपना मत रखा है पर सरकार की मूकदर्शिता के कारण अब 7 मार्च को विधानसभा का घेराव और महापड़ाव निम्न मांगो के साथ किया जायेगा ।
(1) राज्य में पूर्ण शराब बंदी लागू हो

(2) सशक्त लोकायुक्त लागू हो

(3) नया सवेरा नशा मुक्ति योजना में शराब छुड़ावाने को शामिल करना

(4) शराब बंदी के लिए विधानसभा में चर्चा करना

(5) आबकारी आयुक्त लेवल की कमेटी की मीटिंग हर माह बुलाना

(6) नई आबकारी निति निरस्त हों ।

(7 ) सरकार सम्पूर्ण शराब बंदी पर स्पष्ठ रुप से अपनी कार्य योजना जनता के सामने रखे ।

अब जब तक अमर बलिदानी पुर्व विधायक श्री गुरुशरण जी छाबड़ा साहब और पूनम अंकुर छाबड़ा के साथ हुए समझोते को पूर्ण रुप से लागू नही किया जायेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा ।
सम्पूर्ण शराब बंदी के लिए प्रयासरत् संगठन जस्टिस फॉर छाबड़ा जी की राष्ट्रीय अध्य्क्ष पूनम अंकुर छाबड़ा के नेतृत्व में 7 मार्च 2017 को अपनी सम्पूर्ण शराब बंदी की मांग प्रदेश के सदन तक पहुचाने के लिए विधानसभा घेराव और राजधानी में पुरे प्रदेश के शराब बंदी समर्थको के साथ महापड़ाव किया जायेगा।

वही इस नेक आंदोलन को प्रदेश के कई वरिष्ठ जन सेवकों ने और सामाजिक संगठनो ने अपना समर्थन दिया है और महापड़ाव में भी प्रदेश के सामाजिक संग़ठन पहुचकर अपना सहयोग वयक्त करेगे ।

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