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राजीव गांधी की हत्या के दोषी पेरारिवलन पर जेल में कैदी ने किया हमला, हालत नाजुक

 Admin5 |  2016-09-13 07:53:13.0  |  Chennai

राजीव गांधी की हत्या के दोषी पेरारिवलन पर जेल में कैदी ने किया हमला, हालत नाजुक

चेन्नई: राजीव गांधी की हत्या मामले में सजा काट रहे सात अभियुक्तों में से एक ए जी पेरारिवलन पर मंगलवार सुबह वेल्लोर सेंट्रल जेल में जानलेवा हमला हुआ है। फिलहाल उसकी हालत नाजुक है और हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। जेल अफसरों ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे उम्रकैद की सजा काट रहे राजेश खन्ना नाम के कैदी ने पेरारिवलन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। उसके सिर में चोट आई है। फिलहाल हमले की वजह का पता नहीं चल पाया है। दोनों को अलग-अलग वार्ड में रखा गया था।

हमला हाई सेक्योरिटी वाली सेन्ट्रल जेल के भीतर ही हुआ। पेरारिवलन का जेल के भीतर ही इलाज किया जा रहा है। पुलिस की मानें तो पेरारिवलन पर एक अन्य कैदी राजेश ने हमला किया। हालांकि मामले की पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। फिलहाल जेल अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। पेरारिवलन का जेल के अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

गौरतलब है कि 21 मई 1991 को श्रीपेरम्बदूर के निकट एक आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की हत्या कर दी गयी थी और मुरूगन, संथन, पेरारिवलन , नलिनी, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और रविचंद्रन को मामले में दोषी करार दिया गया था। कैबिनेट की सिफारिश और राजीव की पत्नी सोनिया गांधी की अपील के बाद 2000 में नलिनी की मौत की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने मुरूगन, संथन और पेरारिवलन की दया याचिका पर निर्णय लेने में देरी होने के कारण फरवरी 2014 में इनकी मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया था। तमिलनाडु सरकार ने इस साल मार्च में सभी सातों अभियुक्तों को छोड़ने का निर्णय लिया था। फिलहाल ये मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। केन्द्र सरकार ने विशेष आधार पर उन्हें क्षमा देने की राज्य की शक्ति पर भी सवाल खड़ा किया था।

बता दें कि पेरारिवलन के वकील शिवकुमार उनकी रिहाई को लिए भी अपील कर चुके हैं, लेकिन फिलहाल उनके हाथ निराशा ही लगी है। 1991 से जेल में बंद पेरारिवलन को कभी पेरोल नहीं मिली है। पेरारिवलन पर आरोप है कि उसने 9 वोल्ट की एक बैटरी खरीदकर सिवरासन को दी थी, जिसे उसने बम बनाने में इस्तेमाल किया। पेरारिवलन का बयान लेने वाले सीबीआई के पूर्व एसपी थिंगाराजन भी कह चुके हैं कि जब बैटरी खरीदी तो उसे पता नहीं था कि इसका इस्तेमाल बम बनाने में होगा।

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