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कौशांबी में पंचायत राज विभाग का शर्मनाक कारनामा, मुर्दो के नाम शौचालय, स्वच्छ भारत मिशन में बड़ी धांधली

कौशांबी में पंचायत राज विभाग का शर्मनाक कारनामा, मुर्दो के नाम शौचालय, स्वच्छ भारत मिशन में बड़ी धांधली

 शिव कुमार मिश्र |  2017-09-07 12:02:35.0

कौशांबी में पंचायत राज विभाग का शर्मनाक कारनामा, मुर्दो के नाम शौचालय, स्वच्छ भारत मिशन में बड़ी धांधली

कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी में प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला पंचायत राज अधिकारी ने कागजो पर गजब का खेल खेला है। पंचायत राज विभाग को जिला ओडीएफ घोषित करने की इतनी जल्दी पड़ी है कि बिना सत्यापन कराये ही लोगो के नाम शौचालय का आवंटन कर दिया। वहीं कुछ ऐसे भी नाम सूची में शामिल किये गए है जो सरकारी नौकरी करते है। हद तो तब हो गयी जब वर्षो पहले इस दुनिया से रुखसत हो चले लोगो का नाम भी शौचालय आवंटन के पात्रता सूची में शामिल किया गया। मजे की बात तो यह है कि मुर्दे के खाते से पैसा भी निकल गए, लेकिन शौचालय का निर्माण महज कागजो तक कि सीमित होकर रह गए।

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कौशांबी में पंचायत राज विभाग ने मंझनपुर ब्लाक के भड़ेसर ग्राम सभा को ओडीएफ घोषित कर रखा है। इस गांव में वर्षो पहले नूर मोहम्मद और अमी उल्ला की मौत हो चुकी है। विभाग के द्वारा जारी शौचालय निर्माण की सूची में ये दोनों मुर्दे भी शामिल है। यही नही मुर्दो के खाते से शौचालय निर्माण के लिए रकम भी निकाली जा चुकी है। पंचायत राज विभाग का दावा है कि शौचालय का निर्माण भी हो चुका है। जब हमने हकीकत खंगाली तो चौकाने वाला खुलासा सामने आया। पंचायत राज विभाग के वो तमाम दावे महज कागजो तक ही सीमित है। इस गांव दर्जन भर से अधिक लोग ऐसे है जो सरकारी नौकरी करते है और उनका भी नाम विभाग ने अपने सूची में शामिल कर शौचालय निर्माण कार्य पूरा किये जाने का दावा किया है।
कौशांबी के पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर का दावा है कि गंगा एक्सन प्लान के तहत गंगा किनारे के 33 गांव ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। डीपीआरओ साहब के दावो में कितना दम है, इसकी हम हकीकत खंगालने ओडीएफ घोषित किया गया गंगा नदी के किनारे वाले गांव पल्हाना पहुंचे तो कई चौकाने वाला खुलासा सामने आया। हाल ही में गांव में कोई भी शौचालय का निर्माण नही कराया गया। पूर्व के ध्वस्त पड़े शौचालयों में पोताई कराकर डाटा फीडिंग कराई गई है। गांव के अधिकांश लोग आज भी खुले में शौच जाने के लिए मजबूर है।
जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर का दावा है कि जिले में डेढ़ लाख शौचालय बनवाये जाने का लक्ष्य रखा गया है, अब तक 54 हजार से ज्यादा शौचालय बनवाये जा चुके है, 33 गंगा किनारे के गांव के अलावा 12 अन्य ग्राम पंचायते ओडीएफ हो चुकी है। दिसंबर लास्ट तक पूरे जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा... जनाब के इन तमाम दावो की जब हमने पड़ताल किया तो महज कागजो तक ही सीमित मिला।

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट और उसको साकार बनाने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत कौशांबी में कराये गए शौचालयों के निर्माण में बड़ा घोटाला सामने आया है। जब इस पर हमने जिले के जिम्मेदारो से जवाब चाहा तो वो कैमरे के सामने बोलने से कतरा गए। फिर हमने कौशांबी के सांसद विनोद सोनकर से सवाल उठाया तो सांसद जी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्यवाही की बात कही है।
नितिन अग्रहरी

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