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अखिलेश की मंशा से चयन होगा विधानसभा उम्मीदवारों का, कटेगी 50 से 60 मौजूदा विधायकों की टिकिट

 Special Coverage News |  3 Dec 2016 8:16 AM GMT  |  लखनऊ

अखिलेश की मंशा से चयन होगा विधानसभा उम्मीदवारों का, कटेगी 50 से 60 मौजूदा विधायकों की टिकिट

लखनऊ: सत्तारूढ़ दल सपा में टिकट वितरण के अधिकार को लेकर पैदा हुआ विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है. टिकिट वितरण को लेकर उपजे विवाद का भी निस्तारण लगभग हो चूका है. राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने के बाद इसके आसार बढ़ गए हैं.


संभावना व्यक्त की जा रही है कि सीएम अखिलेश यादव की मंशा के अनुरूप विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी तय करने में उनकी राय को वरीयता दी जाएगी. इस मुद्दे पर सहमति बनते ही पूर्व घोषित उम्मीदवारों में बड़ा बदलाव हो सकता है. उम्मीद है, सपा में प्रत्याशियों का फैसला अब जल्द हो जाएगा. पूर्व में लगभग 175 सीटों पर घोषित प्रत्याशियों में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है.


प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने मंगलवार को दिल्ली में रामगोपाल से मुलाकात में प्रत्याशी चयन के मुद्दे पर बात की है. इससे दो दिन पहले भी वह रामगोपाल से मिल चुके हैं. पार्टी सूत्रों के अनुसार रामगोपाल उम्मीदवारों को लेकर होमवर्क कर चुके हैं. मंडल प्रभारियों, जिला संगठनों और स्वतंत्र सर्वे की रिपोर्ट उन्हीं के पास है. शिवपाल लगातार कह रहे हैं कि प्रत्याशी चयन में जिताऊ होना मुख्य फैक्टर होगा. प्रो रामगोपाल चाहते हैं कि उम्मीदवारों की अंतिम घोषणा से पहले उन पर सीएम अखिलेश की सहमति ली जाए, जिससे कल किसी पर भी कोई जीत को लेकर कमी ना रह जाए. इस पर काफी हद तक सभी शीर्ष नेता एकमत हो गए हैं.


हालंकि, विवाद के समय अखिलेश यादव के जिन समर्थकों के टिकट काटे गए हैं, उन्हें भी फिर से प्रत्याशी बनाया जा सकता है. दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक मौजूदा विधायकों की उम्मीदवारी पर भी फैसला हो सकता है. संभावना है कि 50-55 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाएंगे. मुलायम परिवार में लगभग दो महीने तक खुली जंग जैसे हालात रहे. लग रहा था की अब सब सुलझेगा नहीं.


25वें साल में दाखिल होते वक्त सपा में वह सब कुछ हुआ जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. शिवपाल और उनके नजदीकी मंत्री बर्खास्त हुए तो रामगोपाल को सपा से निष्कासित किया गया। आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला. एक समय स्थिति विस्फोटक होती दिख रही थी लेकिन पार्टी प्रमुख रिश्तों की मधुरता की बानगी 21 नवंबर को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण समारोह में देखने को मिली. जब राजनीती के मंजे हुए पुरोधा ने सबको एक मंच पर सबका स्नेह और आशीर्वाद दिलाया. रामगोपाल के जब शिवपाल ने पाँव छुए तो पूरा देश देख रहा था कि यह वही द्रश्य है जो एक सप्ताह पहले था.

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