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अब यूपी में एसपी की गाडी चोरी, घर से उठाई गाडी, अधिकारी भौंचक्के!

 Special Coverage News |  8 Nov 2016 4:31 AM GMT  |  New Delhi

अब यूपी में एसपी की गाडी चोरी, घर से उठाई गाडी, अधिकारी भौंचक्के!

हरदोई: आला अफसरों को बिना सूचना दिए लखनऊ आए हरदोई के पुलिस कप्तान राजीव मल्होत्रा की सरकारी गाड़ी (टाटा सूमो) चोरी होने की जांच एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) को सौंपी गई है। गाड़ी में वायरलेस सेट लगा है, जिसमें सभी इसके जरिए पुलिस की गोपनीय सूचनाएं लीक होने का खतरा भी बना हुआ है। मामला बेहद संवेदनशील है। पठानकोट में भी इसी तरह आतंकियों ने एसपी की नीली बत्ती लगी गाड़ी लूटी थी और आतंकी वारदात को अंजाम दिया था।


एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पूरे सूबे में अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही हरदोई के पुलिस कप्तान राजीव मल्होत्रा से स्पष्टीकारण मांगा गया है कि वे कैसे लखनऊ आए थे। उन्होंने इसके लिए किससे परमिशन ली थी। साथ ही उनकी सरकारी गाड़ी उनके लखनऊ स्थित आवास के सामने कैसे तीन दिनों तक खड़ी रही? उन्होंने बताया कि इस मामले में आईजी लखनऊ को विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।



एडीजी ने आईजी से सरकारी गाड़ी को तत्काल बरामद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें वायरलेस व नीली बत्ती लगी है इसलिए इसका दुरुपयोग भी हो सकता है। एटीएस के आईजी असीम कुमार अरुण ने तत्काल सभी जिलों की अपनी यूनिटों को अलर्ट कर दिया है। एडीजी से मिले निर्देश के बाद आईजी जोन लखनऊ ए सतीश गणेश ने भी डीआईजी रेंज प्रवीण कुमार को इस मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए। डीआईजी ने तीन टीमें बनाकर जांच शुरु कर दी है। उन्होंने 24 घंटे के भीतर गाड़ी की बरामदगी का अल्टीमेटम दिया है।


एसपी की गाड़ी में लगे वायरलेस सेट की सबसे खास बात यह है कि इसे को केवल मैनुअली ही ऑफ किया जा सकता है। रिमोट के जरिए इसे बंद नहीं किया जा सकता है। ऐसे में इस सेट के जरिए पुलिस की सभी प्रकार की गोपनीय सूचनाएं लीक होने का खतरा बना हुआ है। किसी बड़ी वारदात की आशंका से पुलिस के आला अफसरों की नींद उड़ी हुई है। गोखले मार्ग पर शालीमार इंपीरियल अपार्टमेंट से हरदोई के एसपी की वायरलेस, नीलीबत्ती व हूटर लगी गाड़ी चोरी होने के तीसरे दिन एसआई मोटर ट्रांसपोर्ट (एमटी) जयकृष्ण शर्मा ने रविवार को हजरतगंज थाने में केस दर्ज कराया है। जबकि यह गाड़ी बृहस्पतिवार रात ही चोरी हो गई थी। जयकृष्ण शर्मा ने हजरतगंज थाने में जो दी तहरीर दी है उसमें कहा है कि कांस्टेबल चालक मुनेश्वर गुप्ता व गनर मलखान सिंह बृहस्पतिवार शाम एसपी हरदोई के कार्य से हजरतगंज के गोखले मार्ग स्थित उनके आवास शालीमार इंपीरियल अपार्टमेंट गए थे। वहां सरकारी टाटा सूमो गोल्ड में तकनीकी खराबी आ गई। इंजन मिस करने लगा। कोई मैकेनिक न मिलने पर चालक ने शालीमार इंपीरियल की पार्किंग में गाड़ी खड़ी करके चाभी एसपी के घर पर दी और दूसरे वाहन से हरदोई लौटकर गाड़ी में खराबी की जानकारी दी। जयकृष्ण शर्मा का कहना है कि वह शनिवार सुबह 11 बजे शालीमार इंपीरियल पहुंचे। पार्किंग में गाड़ी नजर नहीं आई। इस पर उन्होंने आसपास तलाश की। कुछ पता न चलने रविवार सुबह 8:55 पर हजरतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।


यदि कप्तान नहीं आए तो गनर क्यों आया? गनर तो तभी मूव करता है जब पुलिस कप्तान साथ हों। साथ ही जब लखनऊ में गाड़ी चोरी हुई तो ड्राइवर व गनर से रिपोर्ट लिखवाने के बजाय हरदोई से एसआई को रिपोर्ट लिखवाने को क्यों भेजा गया। तीन दिन तक सरकारी गाड़ी जिसमें वायरलेस लगा हुआ है उसे ऐसे ही लापरवाही में क्यों छोड़ा गया ? एडीजी चौधरी ने बताया कि एसपी मल्होत्रा बिना सूचना और बिना अवकाश मंजूर कराए कैसे लखनऊ आए जांच के दायरे में यह भी शामिल रहेगा। सूत्रों का कहना है कि मल्होत्रा बृहस्पतिवार को खुद सरकारी वाहन से अपने घर आए थे। शालीमार इंपीरियल अपार्टमेंट के भीतर की पार्किंग में उनकी निजी कार खड़ी होने पर चालक मुनेश्वर ने सरकारी गाड़ी बाहर खड़ी कर दी। गाड़ी की चाभी कप्तान को सौंपने के बाद चालक मुनेश्वर व गनर मलखान सिंह भी आराम करने चले गए। दोनों शुक्रवार सुबह एसपी के निजी आवास पहुंचे। गाड़ी नजर न आने पर कप्तान को जानकारी दी। गाड़ी की तलाश कराने के साथ एसपी ने हजरतगंज थाने व सुल्तानगंज चौकी के पुलिसकर्मियों की जमकर फटकार लगाई। छुट्टी या इजाजत के बगैर मुख्यालय छोड़ना गले की फांस बनते देख दूसरे वाहन से हरदोई लौटे एसपी ने एसआई एमटी जयकृष्ण को केस दर्ज कराने के आदेश दिए।


वायरलेस, नीलीबत्ती व हूटर लगी कप्तान की सरकारी गाड़ी चोरी होने के मामले में आईजी जोन ए सतीश गणेश ने डीआईजी रेंज प्रवीण कुमार को जांच सौंपी है। चालक व गनर द्वारा बताए समय के आधार पर मॉडर्न पुलिस कंट्रोल रूम के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के साथ अपार्टमेंट व बाहर विभिन्न स्थानों पर लगे निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एकत्र की जा रही हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल व लोकेशन चेक की जा रही है।राजीव मल्होत्रा का विवादों से पुराना नाता है। इससे पहले जब वे फतेहपुर में कप्तान थे तो उस समय विश्व हिन्दू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया के कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों में बवाल व आगजनी हो गई थी। उस समय भी राजीव मल्होत्रा फतेहपुर में नहीं थे। जब डीजीपी ने उन्हें फोन किया तो उनकी लोकेशन कहीं दूसरी जगह थी। बाद में डीजीपी ने कानपुर के पुलिस कप्तान को मौके पर भेजा। स्थिति यह थी कि कानुपर के पुलिस कप्तान घटना स्थल पर पहले पहुंच गए और फतेहपुर के एसपी राजीव मल्होत्रा का कहीं पता नहीं था। बाद में सरकार ने इन्हें वहां से हटा दिया। राजीव मल्होत्रा बलरामपुर में भी जब पुलिस कप्तान थे तो वहां भी बवाल हो गया था। वहां मोहर्रम पर बवाल हो गया था।


इस मामले में भी डीजीपी ने कड़ी नाराजगी जताई थी। बाद में यहां से भी राजीव मल्होत्रा हटा दिए गए थे।वहीं डीजीपी जावीद अहमद ने बताया, हरदोई के कप्तान की लखनऊ पहुंचने की जानकारी नहीं है। उन्हें सरकारी गाड़ी नहीं लानी चाहिए थी। यह गंभीर मामला है। इसकी जांच की जा रही है।

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