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हार - जीत का समीकरण का होता इस तरह निर्धारण, इस फार्मूले से ही बनेगी यूपी सरकार

 Special Coverage News |  2017-02-11T11:12:18+05:30  |  New Delhi

हार - जीत का समीकरण का होता इस तरह निर्धारण, इस फार्मूले से ही बनेगी यूपी सरकार

लखनऊ: हर पार्टी का एक निश्चित वोट होता है जो कि उस पार्टी को जाता है. लेकिन हार जीत के निर्धारण बाला वोट तटस्थ नहीं होता है. वो हमेशा परिवर्तित होता है, वो पोलिंग बूथ पर चल रही हवा के साथ चलता है, और वो केवल 4-7% होता है.


ये वोट ग्रामीण क्षेत्र से ,या फिर वर्ग /संप्रदाय विशेष से होता है. इसीलिए हम तमाम बुद्धिजीवी अपनी अपनी वाल पर अमुक अमुक पार्टी को जिताने का दाबा भले ही करें लेकिन हमारा वोट निर्णायक नहीं होता है. परिवर्तन वाला वोट ही निर्णायक होता है, और वहीँ तक पार्टियों या उम्मीदवार उसी वोट पर सर्वाधिक फोकस करते है. ये 4-7% बहुत ही निर्णायक होंगे इस बार भी ।2017 के चुनाव परिणाम बेहद चौंकाने वाले होंगे ऐसा अनुमान है.


आपको बता दें कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार तीनों में टक्कर दिख रही है. कहीं हाथी तो कहीं साईकिल, कंही कमल, तो कहीं नल भी पानी पिला रहा है सभी दलों को. 73 सीटों के परिणाम पिछले परिणाम में ज्यादा अंतर आना मुश्किल दिखाई दे रहा है.

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