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..जब कड़ाके की ठंड में DM ज़ुहैर बिन सग़ीर भेष बदलकर सड़कों पर जानने निकले आम लोगों की समस्याएं

 Arun Mishra |  2017-01-06 10:24:29.0  |  मुरादाबाद :

..जब कड़ाके की ठंड में DM ज़ुहैर बिन सग़ीर भेष बदलकर सड़कों पर जानने निकले आम लोगों की समस्याएं

मुरादाबाद : एक तरफ जहां लोग इस कड़ाके की ठण्ड में घर से बाहर नहीं निकलना चाहते हैं और घर में व रजाई के अंदर रहना चाहते हैं। वहीं, दूसरी तरफ मुरादाबाद जिलाधिकारी ने एक अनोखी मिशाल पेश की। जो लोग प्रशासन को रात-दिन छोटी- छोटी बातों पर कोसते हैं उनके लिए ये खबर पढ़ना बेहद जरूरी है।

दरअसल मंडी चौक में रात 11 बजे काली शॉल से पूरा चेहरा कवर किये एक शख्स को गजक खरीदते देख कर अचानक भीड़ लग गई। भीड़ की सूचना पर पत्रकार भी वहां पहुंच गए। जाकर देखा तो ज़िलाधिकारी मुरादाबाद ज़ुहैर बिन सग़ीर वहां आम आदमी की भीड़ में खड़ें हैं। पता चला कि डीएम साहब रात 9 बजे से गली मौहल्लो में चाय के होटल, गजक के स्टॉल पर रुकते बात करते लोगों की समस्या पूछतें हुए आ रहे हैं। बस उन्हें मंडी चौक में एक सर्राफ़ ने पहचान लिया। जिससे उनकी पहचान सार्वजनिक हो गई।

डीएम मुरादाबाद ने पत्रकारों को बताया कि उनकी अलग अलग मोहल्लों में अलग अलग समुदाय के लोगों से शहर की समस्याओं और चुनाव के माहौल को लेकर काफ़ी बात-चीत हुई, लोगों ने अपनी समस्या भी बताई। जिलाधिकारी साहब के जाने के बाद जब हमनें लोगों से बात की तो कई लोग तो ये जानकार हैरान रह गए कि उनके साथ जो शख्स अभी-अभी कांच के गिलास में बैठ कर चाय पी रहा था वो शहर का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी था।

'अगर ऐसे ही अधिकारी सारे जिलों में हो जाएं तो फिर कोइ भी प्रशासन पर उंगलीं उठाने से पहले हजार बार सोचेगा।'

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