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शिया के बाद सुन्नी मुस्लिमों का ऐलान मत दो इस पार्टी को वोट?

 Special Coverage News |  2017-02-03 02:44:52.0  |  New Delhi

शिया के बाद सुन्नी मुस्लिमों का ऐलान मत दो इस पार्टी को वोट?

मुरादाबाद: सुन्नी सूफी मुसलमानों की देश में बड़ी संस्थाओं में एक ऑल इंडिया उलेमा मशायेख बोर्ड ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मत दो उन पार्टियों को वोट जो हमारे लिए कुछ नहीं करती है. सिर्फ चुनाव में याद आती है.


समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुसलमानों को अपने पक्ष में लगे हुए थे कि उनकी मुहीम परवान चढने से पहले ही मुस्लिम मौलाना ने विरोध का फतवा जारी कर दिया. बीते दिनों में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और अखिलेश यादव का लखनऊ में रोड शो हुआ था तब उनका काफिला मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में खूब घूमा.


आपको बता दें कि सुन्नी सूफी मुसलमानों की देश में बड़ी संस्थाओं में एक ऑल इंडिया उलेमा मशायेख बोर्ड अखिलेश की हसरत पर पानी फेरने में जुटी हुई है. ऑल इंडिया उलेमा मशायेख बोर्ड ने एलान किया है कि किसी हाल में मुसलमान अखिलेश की पार्टी सपा को न वोट करें.


अगर राजनैतिक विश्लेषकों की बात मानें, तो यह एलान अखिलेश के हित में नहीं है, क्योंकि यह संगठन मुसलमानों के बीच अपनी हैसियत रखता है. ऑल इंडिया उलेमा मशायेख बोर्ड ने एलान किया है कि मुसलमान बसपा का साथ दें. मुस्लिम वोटरों के सहारे सत्ता का ख्वाब संजोए बैठी सपा को यह जोरदार झटका है. ऑल इंडिया उलेमा मशायेख बोर्ड ने कहा है कि सपा सरकार ने पिछले पांच साल में मुसलमानों से किया एक भी वादा पूरा नहीं किया, बल्कि मुसलमानों पर जुल्म ढाए, जिसका जवाब अब मुसलमान चुनाव में देंगे.

गौरतलब है कि इससे पहले शिया धर्मगुरु कल्बे जब्बाद पहले ही अखिलेश राहुल गठवंधन को वोट ना देने की अपील कर चुके है तो ऐसे दौर में शिया समुदाय का यह ऐलान अपना बजूद रखता है. अखिलेश मुस्लिम मतों के सहारे पानी सत्ता हासिल करने का ख्वाब कैसे पूरा कर पायेंगे. यह तो आने वाली 11 मार्च बताएगी. लेकिन फिलहाल इन एलानों से अखिलेश को जाहिर तौर पर नुक्सान होना जरूरी है.


उधर, ऑल इंडिया उलेमा मशायेख बोर्ड के प्रवक्ता कारी आमिर रजा अशरफी ने कहा कि सुन्नी सूफी मुसलमानों की समस्याओं को सपा ने वादा करने के बाद भी पूरा नहीं किया. इस विधानसभा चुनाव में भी हमारी मांगों को अपने घोषणा पत्र तक में शामिल नहीं किया, जबकि दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायवती ने सुन्नी सूफी मुसलमानों की हर समस्या को निपटाने की बात कर रही है. बसपा के इस ऐलान के बाद ऑल इंडिया उलेमा मशयेख बोर्ड बसपा को वोट देने की अपील करता है.

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