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मुर्दा पहुंचा अर्थी पर चुनाव लड़ने, फिर क्या अधिकारी में मची हडबडी!

 special coverage news |  2017-02-16T09:06:27+05:30  |  वाराणसी

मुर्दा पहुंचा अर्थी पर चुनाव लड़ने, फिर क्या अधिकारी में मची हडबडी!

वाराणसी: यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में अजब गजब नजारा देखने को मिला जब एक मुर्दा व्यक्ति पर्चा दाखिल करने अधिकारीयों के समक्ष पहुंचा तो अधिकारीयों के होश उड़ गए. जहां एक ओर गोरखपुर में अर्थी बाबा चुनावी मैदान में हैं, वहीं अब वाराणसी में एक 'मुर्दे' ने भी ताल ठोकी है.


यह वाकया वाराणसी के शिवपुर विधानसभा का है. संतोष जब अपने गले में 'जिंदा हूं मैं' की तख्ती लटकाए नामांकन करने पहुंचे तो अधिकारी समेत वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए. संतोष का कहना है कि वे ज़िंदा हैं यह साबित कर सकें इस लिए चुनाव लड़ने जा रहे हैं.बता दें संतोष अपने जिंदा होने की लडाई पिछले नौ साल से लड़ रहे हैं लेकिन सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित ये युवक अभी तक जिंदा नहीं हो पाया है.


चौबेपुर के छितौनी गांव निवासी संतोष बताते हैं कि माता-पिता की बचपन में ही मृत्यु हो जाने के बाद वे मुंबई चले गए. इस बीच उनकी गांव में 22 बीघे जमीन पर बुरी नियत रखने वाले पड़ोसियों ने सरकारी बाबुओं से मिलकर कर उन्हें मृत घोषित करा दिया और उनकी जमीन हड़प ली.संतोष ने बताया कि उसके अपनों ने ही मुंबई बम ब्लास्ट में उसे मरा हुआ दिखाकर तेरहवी भी कर दी और उसके जमीन पर कब्ज़ा कर लिया. इतना ही नहीं विरोधियों ने उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया.संतोष इससे पहले भी चुनाव में नामांकन कर चुके हैं लेकिन उनका नामांकन रद्द हो गया था. लेकिन एक बार फिर संतोष वाराणसी के शिवपुर से नामांकन किया है. अगर नामांकन वैध साबित हुआ तो इनके जिंदा होने का प्रमाण शासन को देना पड़ेगा.


आपको बता दें कि यह कारनामा हमारे देश में एक जगह नहीं कई जगह प्रकाश में आ चूका है लेकिन सरकार इसके लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाती है. जिससे किसी बड़ी समस्या का निदान हो सके.


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