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मोदी का बनारस बनाम चालीस का चक्रव्यूह!

 शिव कुमार मिश्र |  3 March 2017 3:10 PM GMT  |  New Delhi

मोदी का बनारस बनाम चालीस का चक्रव्यूह!

नई दिल्ली: वाराणसी में आखिर चरण में यानी 8 मार्च को चुनाव है. इसलिए प्रधानमंत्री मोदी कल से तीन दिनों तक अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रचार करेंगे. मोदी की नजर चालीस सीटों पर है जिसके लिए चक्रव्यूह रचा जा रहा है.वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी का बाबा विश्वनाथ से पुराना नाता है. प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा चुनाव जीतने के बाद जब पहली बार वाराणसी पहुंचे थे तब भी उन्होंने मंदिर में दर्शन किए थे. उस वक्त लोकसभा चुनाव में जीत की खुशी थी और अब विधानसभा चुनाव में जीत की आस है. इस बार मंदिर के दर्शन का कार्यक्रम रोड शो की शक्ल में होगा.

क्या है चालीस का चक्रव्यूह?


मोदी की नजर अब आखिरी चरण पर है, इसलिए चालीस सीटों का चक्रव्यूह रचा जा रहा है. वाराणसी में जीत नाक का सवाल बना हुआ है तो बनारस के बहाने पूर्वांचल के बाकी जिलों पर भी असर डालने के लिए मोदी तीन दिनों तक वाराणसी में रोज रैलियां भी करेंगे. 2012 में 40 में 4 सीटें जीतने वाली बीजेपी को 2014 में मोदी लहर में 38 सीटों पर बढ़त मिली थी. अब विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के भरोसे बीजेपी है और सातवें चरण के केंद्र वाराणसी में मेगा शो से इसकी शुरुआत हो रही है.

क्या है पीएम मोदी की यात्रा का रूट

बीएचयू गेट से शुरू होकर प्रधानमंत्री की यात्रा रविदास गेट लंका, अस्सी, भदैनी, सोनारपुरा , मदनपुरा, गोदौलिया, बांस फाटक होते हुए ज्ञानवापी और फिर बाबा विश्वनाथ तक पहुंचेगी. बाबा के दर्शन के बाद पीएम चौक, नीचिबाग, मैदागीन, कोतवाली थाना, विश्वेश्वर गंज से गुजरात विद्या मंदिर होते हुए काल भैरव तक जाएंगे.


बाबा विश्वनाथ राजा और काल बैरव सेनापति हैं

दरअसल ऐसी मान्यता है कि बाबा विश्वनाथ के शहर काशी में रहने के लिए बाबा काल भैरव की इजाजत लेना जरूरी है क्योंकि वो शहर के प्रशासनिक अधिकारी हैं. इसलिए उन्हें काशी का कोतवाल कहा जाता है. कहा तो ये भी जाता है शहर के बड़े-बड़े अधिकारी भी इस मंदिर के पास के थाने कोतवाली थाना का कभी निरीक्षण नहीं करते. ऐसा माना जाता है कि बाबा खुद उसका निरीक्षण करता है. बड़ी बात ये है कि बाबा विश्वनाथ इस शहर के राजा हैं और बाबा काल भैरव इस शहर के सेनापति हैं.

रोड शो के बाद क्या ?

करीब सात किलोमीटर लंबे रोड शो और मंदिर में साधना के बाद बारी वोटरों को साधने की होगी, मोदी टाउन हॉल में रैली को संबोधित करेंगे. 5 मार्च को मोदी बीएचयू से सटे गढवा घाट आश्रम जाएंगे जो यादवों का स्थापित पीठ माना जाता है. माना जाता है कि भक्ति और ध्यान से जुड़े गढ़वा आश्रम के एक करोड़ अनुयायी हैं. इस पीठ की यात्रा से मोदी की नजर यादव वोटों में भी सेंध लगाने की होगी. शाम सात बजे मोदी काशी विद्यापीठ में रैली को संबोधित करेंगे. वाराणसी दक्षिण सीट में काशी विद्यापीठ भी आता है जहां छात्रों और शहर की युवा आबादी को संबोधित करेंगे.

प्रधानमंत्री अपने तीन दिन दौरे के आखिरी दिन 6 मार्च को रोहनियां में रैली करेंगे. वाराणसी के ग्रामीण इलाके रोहनियां में बीजेपी की स्थिति अच्छी नहीं बताई जा रही इसलिए मोदी एक बार फिर रोहणिया में रैली करने वाले हैं. साभार abpnews

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