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'भारत माता की जय' के खिलाफ दारुल उलूम का फतवा शहीदों का अपमान: साध्वी निरंजन ज्योति

 Special News Coverage |  1 April 2016 7:49 AM GMT

Niranjan Jyoti


नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा, 'भारत माता की जय' के खिलाफ दारुल उलूम का फतवा शहीदों का अपमान है, वह इस फतवे की निंदा करती हैं।

साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा, हम जिस देश में रहते हैं उसके बारे में जयकार करने में क्या समस्या है। उन्होंने कहा कि 'भारत माता की जय' का नारा न लगाना देश को बांटने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान में नहीं रह रहे हैं।

आपको बता दें दारुल उलूम ने भारत माता की जय बोलने पर फतवा जारी किया है। दारुल उलूम ने कहा कि जिस तरह वंदे मातरम नहीं बोल सकते उसी तरह भारत माता की जय भी नहीं बोल सकते।


दारूल उलूम देवबंद ने भारत माता की जय के खिलाफ फतवा देते हुए कहा कि इंसान ही इंसान को जन्म दे सकता है, तो धरती मां कैसे हो सकती है। संस्था ने ये भी कहा कि मुसलमान अल्लाह के अलावा किसी की पूजा नहीं कर सकता तो भारत को देवी कैसे माने। फ़तवे में कहा गया है कि मुसलमानों को खुद को इस नारे से अलग कर लेना चाहिए, कई मुफ़्तियों की खंडपीठ ने ये फ़तवा दिया है।

उन्होंने फतवे में साफ कहा कि मुसलमान एक खुदा में यकीन रखने वाला और खुदा के सिवा किसी दूसरे की पूजा नहीं कर सकता। जबकि, इस नारे में हिंदुस्तान को देवी की तरह समझा गया है, जो कि इस्लाम मजहब को मानने वालों के लिए शिर्क (अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत करना) है।

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