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स्वामी की मांग, JNU का नाम बदल कर सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी किया जाए

 Special News Coverage |  28 Feb 2016 12:13 PM GMT

JNU का नाम बदल कर सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी किया जाए


नई दिल्ली : जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी को लेकर विवाद अभी जारी है, वहीं बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने शनिवार को कहा कि इस विश्वविद्यालय का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रख देना चाहिए।

कानुपर के वीएसएसडी कॉलेज में 'वैश्विक आतंकवाद - कश्मीर समस्या के संदर्भ में' विषय पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि जेएनयू का नाम बदलकर सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी कर किया जाए, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू इतने पढ़े लिखे नहीं थे कि उनके नाम से किसी विश्वविद्यालय का नाम रखा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर में धारा 370 नेहरू के कारण ही लगी, जबकि डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर ने इसका विरोध किया था।


कश्मीर पर भी बोले :
कश्मीर मुददे पर उन्होंने कहा कि यह भारत का अभिन्न अंग है, कश्मीर का जो हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में है उसे वापस लेने की कोशिश की जानी चाहिये और कश्मीरी पंडितो की घर वापसी होनी चाहिये। इसके लिए एक फॉर्मूला सुझाते हुए स्वामी ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के घरों में पूर्व सैनिकों को हथियारों के साथ कुछ समय के लिये रहने देना चाहिये और कुछ साल बाद वहां कश्मीरी पंडितो को बसा देना चाहिए। स्वामी ने कहा कि देश के अलग अलग हिस्सों में उत्तर प्रदेश समेत करीब पांच प्रतिशत लोग देशद्रोही हैं, जिसमें सबसे ज्यादा जेएनयू में हैं।

राम मंदिर पर भी बोले :
अयोध्या में राम मंदिर के मुददे पर भाजपा नेता स्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी का एजेंडा साफ है कि पहले राम मंदिर का निर्माण करेंगे और बाद में धारा 370 का खात्मा होगा। स्वामी ने उम्मीद जताई है कि एक दो महीने में इसका फैसला अदालत से आ जाएगा। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुये उन्होंने कहा कि राहुल का जेएनयू जाने का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने कहा कि जेएनयू के पांच प्रतिशत छात्रों को छोड़कर बाकी सब पढ़ना चाहते हैं।

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