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प्रशांत किशोर बोले- नागरिकता कानून पर सोनिया गांधी का बयान नाकाफी, सड़क पर उतरे कांग्रेस

प्रशांत किशोर का कहना है कि कांग्रेस आगर वाकई इस मामले को लेकर संजीदा है तो वीडियो जारी करने से कुछ नहीं होगा.

 Special Coverage News |  21 Dec 2019 8:07 AM GMT  |  दिल्ली

प्रशांत किशोर बोले- नागरिकता कानून पर सोनिया गांधी का बयान नाकाफी, सड़क पर उतरे कांग्रेस
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नई दिल्ली : राजनीतिक प्रबंधक और चुनावी विश्लेषक प्रशांत किशोर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने शनिवार को ट्वीट कर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर सोनिया गांधी के बयान को नाकाफी बताया है. प्रशांत ने तंज किया है कि कांग्रेस CAA को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन उनकी टॉप लीडरशिप सड़कों से नदारद है.

प्रशांत किशोर का कहना है कि कांग्रेस अगर वाकई इस मामले को लेकर संजीदा है तो वीडियो जारी करने से कुछ नहीं होगा. दूसरी पार्टियों के मुख्यमंत्री जो CAA का विरोध कर रहे हैं उनके साथ मिलकर कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों को विरोध करना चाहिए. प्रशांत का कहना है कि अगर कांग्रेस CAA का विरोध कर रही है तो उसे सभी पार्टियों के साथ एकजुट होकर आवाज बुलंद करना चाहिए.



नागरिकता संशोधन कानून पर पूरे देश में घमासान मचा हुआ है. देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं. इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वीडियो संदेश जारी कर सरकार के प्रति गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार है, लेकिन सरकार उनकी घोर उपेक्षा कर रही है और क्रूरतापूर्वक दबा रही है.

सोनिया ने कहा, "लोकतंत्र में लोगों के पास गलत फैसलों और सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलने का अधिकार होता है. साथ ही अपनी बात रखने का भी अधिकार होता है. बीजेपी सरकार ने असंतोष को दबाने के लिए लोगों की आवाज का अपमान किया और क्रूर तरीके से बल का उपयोग किया."

उन्होंने कहा कि देशभर के विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएम और दूसरे अग्रणी शिक्षा संस्थानों में छात्र बीजेपी सरकार की विभाजनकारी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ स्वत: विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों की बात सुने. अभी जो हो रहा है वो लोकतंत्र में अस्वीकार्य है.

सोनिया ने कहा कि सरकार की नीतियों की कांग्रेस पार्टी कड़ी निंदा करती है और लोगों के साथ खड़ी है. नागरिकता कानून भेदभावपूर्ण है और नोटबंदी की तरह एक बार फिर एक-एक व्यक्ति को अपने और अपने पूर्वजों की नागरिकता साबित करने के लिए लाइन में खड़ा होना होगा.

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि समाज के गरीब और कमजोर लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचायेगी. लोगों की आशंका जायज है. कांग्रेस पार्टी लोगों को भरोसा दिलाती है कि वह नागरिक के मौलिक अधिकारों के लिए खड़े होने और संवैधानिक मुल्यों को बनाये रखने के लिए प्रतिबंध है.

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