Top
Begin typing your search...

असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी-शिवसेना पर कसा तंज, कहा- यह 50-50 क्या है, क्या यह नया बिस्किट है?

असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल पूछते हुए कहा, यह 50-50 क्या है, क्या यह नया बिस्किट है? आप 50-50 कितना करेंगे?

असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी-शिवसेना पर कसा तंज, कहा- यह 50-50 क्या है, क्या यह नया बिस्किट है?
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

महाराष्‍ट्र में बीजेपी और शिवसेना में जारी गतिरोध के बीच एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने दोनों दलों पर करारा तंज कसा है. असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल पूछते हुए कहा, यह 50-50 क्या है, क्या यह नया बिस्किट है? आप 50-50 कितना करेंगे? महाराष्ट्र की जनता के लिए कुछ बचाएं. वे (भाजपा और शिवसेना) सतारा में हुई विनाश और बारिश के बारे में परेशान नहीं हैं. वे सभी 50-50 की बात करते हैं. यह किस तरह का 'सबका साथ सबका विकास' है? ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, उद्धव ठाकरे दो घोड़ों पर सवारी करना चाहते हैं. वे जनता को मूर्ख ना बनाएं.

दरअसल, विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से ही बीजेपी और शिवसेना के बीच गतिरोध बना हुआ है. बीजेपी और शिवसेना के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन था और इस लिहाज से गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिला है, लेकिन शिवसेना 50-50 यानी ढाई-ढाई साल के सीएम पद को लेकर अड़ी हुई है. दूसरी ओर बीजेपी को यह कतई मंजूर नहीं है. बताया जा रहा है कि शिवसेना ने बीजेपी से मांग की है कि सत्ता के बंटवारे से इनकार वाले बयान पर देवेंद्र फडणवीस बीजेपी की ओर से सफाई दें तो आगे बात की जा सकती है.

दूसरी ओर, शिवसेना से चल रही खींचतान के चलते बीजेपी ने अन्‍य विकल्‍प तलाशने शुरू कर दिए हैं. बीजेपी को अगर एनसीपी का साथ नहीं मिल पाता है तो राज्‍य में राष्ट्रपति शासन भी लागू किया जा सकता है. महाराष्ट्र बीजेपी के नेता सुधीर मुनगंटीवार ने इस तरह के बयान भी दिए हैं.

राष्ट्रपति शासन लगने के बाद भी बीजेपी शिवसेना के साथ बातचीत जारी रख सकती है. अगर दोनों में बात बन गई तो कभी भी सरकार बनाने पर फैसला हो सकता है. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 9 नवंबर को खत्‍म हो रहा है. 9 नवंबर तक नई सरकार नहीं बनी तो राज्‍य में राष्ट्रपति शासन लगाना ही एकमात्र विकल्‍प होगा.

Special Coverage News
Next Story
Share it