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आईजी की गाड़ी इस्तेमाल करके 3 पुलिसकर्मियों ने बिजनसमैन से वसूले 1 करोड़, हुए सस्पेंड

पुलिसकर्मियों ने चुनावी मौसम में आचार संहिता के लागू होने पर बेहिसाबी नकद की जब्त करने के नाम पर लूटपाट की।

 Special Coverage News |  13 April 2019 6:34 AM GMT

आईजी की गाड़ी इस्तेमाल करके 3 पुलिसकर्मियों ने बिजनसमैन से वसूले 1 करोड़, हुए सस्पेंडसांकेतिक तस्वीर

देहरादून : उत्तराखंड के देहरादून में एक लूट की घटना ने पूरे पुलिस विभाग को शर्मसार कर दिया है। यहां सब इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मियों ने आईजी गढ़वाल की आधिकारिक गाड़ी का इस्तेमाल कर के देहरादून में एक बिजनसमैन से 1 करोड़ रुपये की वसूली की। उन्होंने चुनावी मौसम में आचार संहिता के लागू होने पर बेहिसाबी नकद की जब्त करने के नाम पर लूटपाट की।

पुलिसकर्मियों में से आईटी गढ़वाल अजय रौतेला का ड्राइवर था जिसने आरोपियों को कार का इस्तेमाल करने की इजाजत दी। तीनों को सस्पेंड कर मामले की जांच एसटीएफ को ट्रांसफर कर दी गई है। घटना 4 अप्रैल को राजपुर रोड में स्थित एक जाने-माने होटेल की है लेकिन मामला इस हफ्ते ही सामने आया जब बिजनसमैन अनुरोध पंवर को धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई

4 अप्रैल को आईजी गढ़वाल की आधिकारिक कार में मौजूद पुलिसकर्मियों ने राजपुर रोड पर बिजनसमैन की कार रोक दी और 1 करोड़ रुपये से भरा बैग 'जब्त' कर लिया। आचार संहिता के अनुसार अथॉरिटी को 50 हजार से अधिक की बेहिसाबी राशि जब्त करने की अनुमति है।

घटना के कुछ दिन बाद जब बिजनसमैन ने इनकम टैक्स विभाग और पुलिस से अपने पैसों की जानकारी लेने के लिए संपर्क किया तो उन्हें पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कहा कि पहली नजर में यह सामने आता है कि प्रॉपर्टी डीलर अनुपम शर्मा जिसने आधे घंटे पहले ही बिजनसमैन को पैसे दिए थे, वह आरोपियों से मिला हुआ था।

आरोपियों की पहचान

अनुपम और तीन अज्ञात युवकों के खिलाफ आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान सब इंस्पेक्टर दिनेश सिंह नेगी, कॉन्स्टेबल हिमांशू और आईजी गढ़वाल के ड्राइवर मनोज के रूप में की। डीजी लॉ ऐंड ऑर्जर अशोक ने बताया कि तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। शुक्रवार को मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई।

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