Top
Home > Archived > 2016 की पहली शनि अमावस्या 9 जनवरी को

2016 की पहली शनि अमावस्या 9 जनवरी को

 Special News Coverage |  6 Jan 2016 7:07 AM GMT

2016 की पहली शनि अमावस्या 9 जनवरी को

पौष मास कृष्णपक्ष 9 जनवरी को शनिवार के दिन शनिश्चरी अमावस्या मनाई जाएगी, जो वर्ष 2016 की पहली शनिश्चरी अमावस्या होगी। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, शनिश्चरी अमावस्या के दिन भगवान शनिदेव को सरसों और तिल के तेल से अभिषेक करने से शनि पीड़ित जातकों को राहत मिलती है। इस बार शनिश्चरी अमावस्या शनिवार को सुबह 7:40 बजे से शुरू होकर दूसरे दिन 10 जनवरी रविवार सुबह 7:20 बजे तक रहेगी। सभी नवग्रहों में मंदिरों में शनिश्चरी अमावस्या की तैयारियां जोरों पर की जा रही है।


कोन से उपाय करें -
सुंदरकांड का पाठ, हनुमानजी को चोला चढ़ाएं। -सरसों या तिल के तेल के दीपक में दो लोहे की कीलें डालकर पीपल पर रखें। -शनिदेव पर तिल या सरसों के तेल का दान करें। -चीटीं को शक्कर का बूरा डालें। -अपने वजन के बराबर सरसों का खली (पीना) गौशाला में डालें।




इस तरह शनि की पीड़ा शांत होगी

ज्योतिषाचार्य के अनुसार वर्तमान में मेष राशि के लिए शनि का गोचर आठवां और सिंह राशि के लिए शनि का गोचर चौथा चल रहा है। यह दोनों राशि शनि के ढैय्या के प्रभाव में हैं। तुला, वृश्चिक और धनु राशि शनि के साढ़े साती के प्रभाव में हैं। इसमें तुला का आखिरी ढैय्या, वृश्चिक पर मध्य ढैय्या और धनु के लिए प्रारंभिक ढैय्या है। कुंडली में मार्केश होने पर करें अभिषेक -जिनकी जन्मकुंडली में शनि की दशा चल रही है या फिर वर्तमान में उनकी कुंडली में चौथा, आठवां और 12वें भाव में शनि का भ्रमण हो रहा है। कुंडली में शनि मार्केश है। उन जातकों को शनिचरी अमावस्या के दिन शनिदेव का तेल से अभिषेक करना चाहिए और दान करना चाहिए। साथ ही दशरथकृत शनिस्त्रोत का पाठ करने से शनि की पीड़ा शांत होती है।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story

नवीनतम

Share it