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शनि बनाते हैं इस रंग की Socks पहनने वालों को धनवान

 Special News Coverage |  26 March 2016 10:24 AM GMT

शनि बनाते हैं इस रंग की Socks पहनने वालों को धनवान

नई दिल्ली: शनि महाराज को लोग यूं तो पाप ग्रह के रुप में जानते हैं क्योंकि शनि उग्र स्वभाव के हैं और लोगों को दंड देने में कोई कोर कसर नहीं रखते। शास्त्रों में शनि को सबसे असाधारण ग्रह कहा गया है। जो समय आने पर व्यक्ति को रंक से राजा और राजा से रंक बना देता है। लेकिन शनि अगर शुभ फलदायी हो जाए तो इनके समान कोई भी ग्रह शुभ फल नहीं दे पाते।

कई ज्योतिषविद्धों और दार्शनिक शास्त्रीयों ने शनि को क्रूर, पापी निर्दयी ग्रह कहकर संबोधित कियी है परंतु शिव भक्त शनिदेव भगवान शंकर द्वारा निहित जगत के न्यायाधीश हैं जो व्यक्ति को उसके कर्म अनुसार फल देते हैं। शास्त्रों ने शनि की कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ सरल और आसान उपाय बताएं हैं जिसके पीछे बहुत गहन अध्ययन और वैज्ञानिक कारण भी हैं। कालपुरूष सिद्धांत के अनुसार शनि व्यक्ति के कुण्डली के कर्म क्षेत्र और आय क्षेत्र पर अपना सर्वाधिक प्रभाव रखते हैं।


सिद्धांत के अनुसार कुण्डली का सांतवां भाव शनि का पक्का घर कहलाता है। सातवें स्थान में शनि व्यक्ति को रातों रात धनवान बना देता है। सातवें भाव से व्यक्ति के जनानंग और पैर देखे जाते हैं। ज्योतिषशास्त्र में एक ऐसे ही योग का उल्लेख किया गया है जो शनि द्वारा बनता है। जिनकी कुंडली में यह योग होता है वह धनवान होने के साथ ही काफी प्रसिद्घि भी हासिल करते हैं।

कुछ विशेष उपाय अपनाकर शनि कृपा पाई जा सकती है।
- शनिवार को पांव में काले मोजे पहनने से शनि का प्रभाव सातवें भाव में आ जाता है।
- रविवार को खाकी मौजे पहनने से व्यक्ति को अकस्मात अर्थिक लाभ मिलता है।
- सोमवार को लाल मोजे पहनने से शनि व्यक्ति को आत्मशांति प्रदान करते हैं।
- मंगलवार के दिन सफेद मौजे शनि के प्रभाव में तेजी लाते हैं और कारोबार में बढ़ौतरी होती है।
- बुधवार के दिन नीले मोजे पहनने से शनि का प्रभाव भाग्य को प्रबल कर देता है।
- गुरूवार के दिन हरे मोजे पहनने से व्यक्ति चिंताओं से मुक्ति पाता है।
- शुक्रवार को ग्रे रंग के मोजे पहनने से व्यक्ति को दलाली के कामों में सफलता मिलती है।
- पूजा व मंत्र स्मरण के बाद शनि की धूप व तेल दीप से आरती भी करें। दोषों के लिए क्षमा प्रार्थना करें व प्रसाद ग्रहण करें।

शनिवार या हर रोज शनि मंदिर में शनि देव की काली पाषाण मूर्ति को सरसो या तिल का तेल, काले तिल, काले वस्त्र, उड़द की दाल, फूल व तेल से बनी मिठाई या पकवान अर्पित कर समृद्धि की कामना से नीचे लिखे सरल शनि मंत्रों का स्मरण करें -
ॐ धनदाय नम:
ॐ मन्दाय नम:
ॐ मन्दचेष्टाय नम:
ॐ क्रूराय नम:
ॐ भानुपुत्राय नम:

उनके न्याय का हिसाब-किताब भी सीधा होता है यानी अच्छे कर्मों पर कृपा व बुरे कर्मों पर दण्ड। यही कारण है कि शनिदेव की शुभ दृष्टि भाग्य बनाने वाली मानी गई है, तो उनकी नाराजगी कहर बरपाने वाली भी।

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