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श्रीलंका : हर 41 साल बाद हनुमान जी देते है दर्शन?

 Special News Coverage |  17 April 2016 12:06 PM GMT

श्रीलंका : हर 41 साल बाद हनुमान जी देते है दर्शन?

श्रीलंका: मातंग नामक एक जनजाति का सम्बन्ध हनुमान जी के साथ पाया गया, जनजाति के लोगों का कहना हैं कि हनुमान जी आज भी उनसे हर 41 साल बाद मिलने आते हैं। हनुमान जी वैसे तो अपने बल के लिए प्रसिद्द हैं, लेकिन इस जनजाति का कहना हैं कि हनुमान जी उनके गुरु हैं और वे उनकी हर नई पीढ़ी को ब्रह्मज्ञान देने आते हैं। इस जनजाति के लोग अपनी भाषा में हनुमान जी के कहे गए शब्दों तथा उनकी लीलाओं को एक “रजिस्टर में दर्ज” हैं।


श्रीलंका को उलट-पुलट कर बर्बाद कर देने का प्रताप भी महावीर हनुमान के पास है। ये भले ही असंभव बात लगती हो, पर इन श्रीलंकाई आदिवासियों के दावों को झुठलाना भी आसान नहीं है। दरअसल, यहां सेतु हनुमान नाम की एक संस्था है, जो महावीर हनुमान पर शोधकार्य कर रही है। शोधकर्ताओं के दल ने दावा किया है कि महावीर हनुमान श्रीलंका के इन आदिवासियों को प्रत्येक 41 वर्षों में दर्शन देते हैं, वो भी जंगलों में।

इन आदिवासियों का दावा है कि अमरता का वरदान पाए महावीर हनुमान प्रत्येक 41 वर्षों में जंगल में आकर सशरीर उन्हें दर्शन देते हैं। सेतु हनुमान नाम के संगठन का कहना है कि ये आदिवासी आध्यात्मिक रूप से प्रत्येक 41 वर्षों में भक्तिभाव के चरम पर पहुंच जाते हैं, औऱ वो आत्म मंडल नाम का त्योहार हर्षोल्लास से मनाते हैं। इसी त्योहार के मौके पर रामभक्त हनुमान उन्हें दर्शन देते हैं। खास बात तो ये है कि वो लोगों ने बातचीत भी करते हैं और उनकी इच्छाओं को भी जानते हैं।

ये सबकुछ एक रजिस्टर में दर्ज होता है। इस रजिस्टर में महावीर हनुमान से पूछे सवाल और उनके जवाब लिखे जाते हैं। यहां ‘सेतु हनुमान बोधि’ नाम का मठ है, जो पिदुरुथालगला की पहाड़ियों पर स्थित है। ‘सेतु हनुमान बोधि’ इस बात से संतुष्ट हैं कि रामभक्त हनुमान प्रत्येक 41 वर्षों में इन आदिवासियों को दर्शन देते हैं और वो अमरता को प्राप्त हैं।

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