Top
Home > Archived > जिस पर्वत से हुआ था समुन्द्र मंथन, वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला?

जिस पर्वत से हुआ था समुन्द्र मंथन, वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला?

 Special News Coverage |  23 April 2016 11:09 AM GMT



समुन्द्र मंथन के लिए देवताओ ने मदार पर्वत को बिहार के भागलपुर के निकट से उठाया था, हालाँकि इस पर्वत की उंचर अभी भी 700 फुट है लेकिन मान्य ये थी की वो समुन्द्र तल तक ऊँचा था। सत्य को तथ्य की आवश्यकता नही होती लेकिन कुछ वैज्ञानिको का मुंह बंद करने के लिए समय समय पर सबूत भी मिलते रहते है। 1988 में गुजरात के एक गांव में द्वारका के अवशेष मिले थे और अब तो द्वारका नगरी भी मिल गई है।

गुजरात के गांव पिंजरत गांव में दक्षिण गुजरात समुन्द्र में सवासौ किमी की दुरी पर समुन्द्र में 800 मीटर की गहराई पे मिल गया है मंदार पर्वत। ओशनोलॉजी डिपार्टमेंट द्वारा भी इस तथ्य की पुष्टि हो चुकी है। कार्बन टेस्ट में भी बिहार के मंदार पर्वत और इस पर्वत में एक समानता पाई गई है, साथ ही ये पर्वत समुन्द्र में होने वाले अन्य पर्वतो से अलग है। इस पर्वत के मध्य में नाग की रगड़ के निशान भी बने हुए है जो की वासुकि नाग की रगड़ से बने होगे( संभवतया) उसके ऊपर भी नाग बना हुआ है।


आदि काल से ही हमारे वेद पुराण देवताओ और राक्षसो द्वारा समुन्द्र मंथन का जिक्र करते है जिसके लिए उन्होंने मंदार पर्वत का का उपयोग किया था, समुद्र तल को घर्षण से बचने के लिए भगवान विष्णु ने ने कर्कर्ष रूप धार पर्वत के निचे रहे थे और इस प्रकार निकले सब ( अमृत और विष) सामग्री को बांटा और विवाद पे लड़ाई की थी। शायद तब वो उस पर्वत को समुद्र तल में ही छोड़ गए थे जो अब मिला है और ये एक और सबूत बन गया है भारतीय पौराणिक इतिहास का।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story
Share it