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इस हनुमान मंदिर के सामने खुद ही रुक जाती हैं ट्रेन, हादसे में बची थी सबकी जान

 Special News Coverage |  1 April 2016 11:12 AM GMT



नई दिल्ली: हनुमान जी भगवान राम के परम भक्त हैं। हनुमान जी भगवान शिव के 11 वें अवतार के रूप में माने जाते हैं। स्कंद पुराण के अनुसार हनुमान जी 11 रुद्र हैं। लोग अपनी मनोकामनाँए पुरी करने के लिए हनुमान जी के मंदिर जाते हैं। आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जहां इस मंदिर के सामने से ट्रेन गुजरने पर खुद ही रुक जाती हैं, कहा जाता है एक बार ट्रैन हादसे में सबकी जान बची थी।

जी हाँ, मध्य प्रदेश के शाजापुर के बोलाई गांव में हनुमान जी का एक चमत्कारिक मंदिर है। गाँव वाले के अनुसार पहले ही कहा जाता था कि ये मंदिर ऐसा वैसा नहीं है लेकिन अब तक किसी का भी ध्यान इस पर नहीं गया था। लेकिन बीते दिनों हुआ यह कि मंदिर से सामने रेलवे ट्रैक पर दो मालगाड़ी की आपस में टक्कर हुई थी। तब दोनों में से एक ड्राइवर कहता है कि उसको हनुमान जी की कृपा से पहले ही अनहोनी का आभास हो चुका था। वह अपनी ट्रेन धीमी कर चुका था तभी अचानक से यह हादसा हो गया। जब मुझे होश आया तो अपने आप को मैंने पास में ही एक पेड़ के नीचे बैठा पाया। जी हाँ यह तो मात्र के ही चमत्कार है।


हनुमान जी के ना जाने कितने चमत्कार यहाँ लोगों की जुबान पर छाये हुए हैं। कहीं पर हनुमान की कृपा से बेटी की शादी हो रही है तो कहीं पर इनकी कृपा से किसी की नौकरी लग रही है। गाँव के लोगों पर हनुमान जी की कृपा बनी हुई है। अगर आप बोलाई के गाँव में जाते हैं और हनुमान जी की माया के बारें में पता करते हैं तो निश्चित रूप से हर घर से आपको कुछ न कुछ कहानी सुनने को मिल जाएगी।

लेकिन मंदिर का सबसे बड़ा रहस्य यही बना हुआ है कि जब मंदिर से सामने वाले रेलवे ट्रैक से कोई ट्रेन गुजरती है तो वह खुद-ब-खुद धीमी हो जाती है। जब रेलवे के लोगों को इस मंदिर के चमत्कार का पता चला तो अब हर ड्राइवर मंदिर के सामने रेल धीमी करते हैं और हनुमान जी को प्रणाम करने के बाद ही आगे निकलते हैं। अगर कोई ड्राइवर ऐसा नहीं करता है तो उसके साथ अनहोनी की आशंका बढ़ जाती है।

मंदिर के पूजारी बताते हैं कि एक बार एक रेल ड्राइवर ने ट्रैन की स्पीड काफी ज्यादा तेज कर दी थी लेकिन उस ट्रैन की गति खुद से धीमी हो रही थी। इस बात को देख कर वो दंग रह गया और उसने देखा ट्रेन के सामने से आ रही दूसरी ट्रेन का एक्सीडेंट हो गया था। दोनों ही ट्रेन सवारी ट्रेन थीं लेकिन इस हादसे में किसी की भी जान नहीं गयी थी। उस समय से रेलवे के अधिकारी भी मंदिर की महिमा को मानने लगे हैं और ट्रेन धीमी करने के बाद मंदिर को प्रणाम करने के बाद ही यहाँ से जाते हैं। हर दिन इस मंदिर में हजारों लोग हनुमान का आशीर्वाद लेने आते हैं।

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