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ज्योतिषी ने बताया प्रियंका गांधी का राजनीतिक भविष्य...

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प्रियंका गांधी का कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय प्रवेश भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय लेकर आया है। कांग्रेस का युवा वर्ग राहुल गाँधी की अपेक्षा प्रियंका से ज्यादा प्रभावित है। लोग उनके हावभाव में उनकी दादी इंदिरा गाँधी की छवि देखते हैं और उन्हीं में कांग्रेस का भविष्य भी देखते हैं।

राजनीति में प्रवेश के बाद जन्मपत्रिका में उनके सितारे क्या कहते है

प्रियंका गांधी का जन्म 12 जनवरी 1972 को दिल्ली में हुआ था। मिथुन लग्न मेे जन्मी प्रियंका गांधी की वर्तमान में शुक्र की महादशा चल रही है जो उनके राजनीतिक कॅरियर के लिए उत्तम संकेत है। शुक्र की महादशा में शनि की अंतर्दशा भी चल रही है। शुक्र और शनि दोनो परस्पर एक-दूसरे के नैसर्गिक मित्र जो राजनीतिक सफलता की और इशारा करती है। इस दशा से पार्टी को पहले से ज्यादा सफलता तो मिलेगी, पर उतनी नहीं जितनी अपेक्षित है। प्रियंका की कुडंली में 7वें भाव में गुरू, सूर्य, बुध की युति राजयोग का निर्माण कर रहा है। इस कारण जीवन धन, वैभव से तो परिपूर्ण है, परन्तु पारिवारिक कलह व मुकदमे के भी संकेत देता है। रिपु भाव में नीच राशि का चन्द्रमा होने से राजनीतिक व अन्य शत्रु ज्यादा होते है और कोर्ट कचहरी आदि मामलो में नुकसान होता है। कुंडली के दसवें भाव में मीन राशि का मंगल के होने से लोग उनकी वाणी से प्रभावित होगें। 12वें भाव में वृषभ राशि के शनि की उपस्थिति एकातंवास का संकेत देती है। इस कारण प्रियंका काफी समय तक राजनीति से दूर रहीं! साथ में 12वें भाव का शनि भी मुकदमेबाजी में फंसने का संकेत देता है। शनि अपनी पूर्ण दृष्टि से नीच राशि के चन्द्र को देख रहा है, अर्थात विष योग का निर्माण कर रहा है। इस कारण प्रियंका को लगातार मेहनत करने के बाद भी उतना लाभ नही होगा, जितना होना चाहिए।


प्रियंका के लिए 2019

प्रियंका की कुंडली में अषुभ योग होने के बाद भी ऐसे योग हैं, जो उन्हें नेतृत्व क्षमता प्रदान करते है। मिथुन लग्न का स्वामी बुध होकर भी अपने से सातवें भाव में स्वराशि के गुरू के साथ बैठा है जो चेहरे को ओजस्वी बनाने के साथ राजनीतिक वाकपटुता भी प्रदान कर नेतृत्व क्षमता प्रदान करती है। साथ में सप्तम भाव में गुरू के साथ सूर्य की उपस्थिति भी राजयोग का निर्माण करती है। 7वें भाव में शनि की त्रिपाद दृष्टि और मंगल की एक पाद दृष्टि से देखना भी सफलता प्रदान करता है। वर्तमान में चल रही शुक्र की महादशा में शनि की अंतरर्दषा जो 3 सितंबर 2019 तक रहेगी। इस अवधि में कोई विशेष सफलता प्राप्त नहीं होगी! परन्तु, उक्त अवधि के बाद शुक्र की महादशा में होने वाली बुध की अंतर्दशा में प्रियंका एक सफल राजनेता साबित होगी व उनके नेतृत्व में पार्टी को निश्चित सफलता मिलेगी। इस अवधि में युवा वर्ग उनसे विशेष रूप से आकर्षित होगा। 2019-2020 वर्ष की कुंडली देखें तो कर्क लग्न में राहु की उपस्थिति अपने से 7वें भाव पर पूर्ण दृष्टि से देख रहा है, जो पारिवारीक वातावरण में लिए उत्तम नहीं है। 9वें भाव में चंद्र मंगल का योग परेशानी के साथ सफलता भी दिलाएगा। वर्तमान लोकसभा चुनाव में निश्चित ही पार्टी की स्थिति पहले से बेहतर होगी, जिसका श्रेय प्रियंका को मिलेगा। 5वें भाव में गुरू और शुक्र की युति से भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। इस युति के कारण प्रियंका का आध्यात्मिकता से भौतिकता की और झुकाव बढ़ेगा और आ समय में वे पूरा समय पार्टी को दे सकती हैं।


* पंडित अजय शर्मा एडवोकेट / ज्योतिष संपर्क : 9893066604...

साभार

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