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धोनी बोले, सरहद पर सेना है इसलिए 'फ्रीडम ऑफ स्पीच' पर बहस भी कर पा रहे हैं

 Special News Coverage |  21 Feb 2016 8:56 AM GMT

Dhoni


नई दिल्ली : अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिबेट की आजादी को लेकर जारी चर्चा के बीच टीम इंडिया के कप्तान एमएस धोनी ने कहा है कि हमें देश के सशस्त्र बलों का सम्मान करना चाहिए। धोनी ने रविवार को दो ट्वीट किए हैं। उन्होंने लिखा है कि देश की सरहदों पर हमारी सेना चौकस रहती है, उसकी सिक्युरिटी का भरोसा पाकर ही हम फ्रीडम ऑफ स्पीच पर बहस करने लायक हैं।

धोनी ने ट्वीट किया है, 'जब हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस कर रहे हैं तब हमारे सुरक्षाबल सुनिश्चित कर रहे हैं कि हम बहस जारी रखने की स्थिति में रहें।' धोनी ने लिखा, 'स्पेशल फोर्सेज और कमांडो हमारी तरह ही सामान्य लोग हैं। वे देशहित को खुद से ऊपर रखते हैं।'


Dhoni tweet


उन्होंने कहा कि विशेष बल और कमांडो यूनिट के लोग आपकी और मेरी तरह ही सामान्य लोग हैं, जो इतने प्रेरित और प्रशिक्षित हैं कि अपने आप पर देश के हित को तरजीह दें। धोनी को भारतीय प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद हासिल है।

धोनी का यह ट्वीट ऐसे समय में आया है जब जेएनयू में कुछ छात्रों ने संसद हमलों के दोषी अफजल गुरु की फांसी के खिलाफ नारेबाजी की और विवाद अभिव्यक्ति की आजादी पर बहस से गुजरता हुआ राजद्रोह के मामलों तक आ पहुंचा।

आपको बता दें धोनी से पहले जेएनयू मामले पर क्रिकेटर शिखर धवन तिरंगा फहराए जाने के सपोर्ट में अपना बयान दे चुके हैं। दिल्ली रणजी टीम के कैप्टन और पूर्व इंडियन ओपनर गौतम गंभीर भी JNU और जाधवपुर यूनिवर्सिटी की घटना पर अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। इसके अलावा रेसलर योगेश्वर दत्त भी फ्रीडम ऑफ स्पीच के नाम पर भारत विरोधी नारेबाजी करने वालों का विरोध कर चुके हैं।

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