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BCCI अध्यक्ष बने वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक मनोहर

 Special News Coverage |  4 Oct 2015 10:32 AM GMT




मुंबई : नागपुर के रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक मनोहर रविवार को दूसरी बार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। मुंबई में हुई बीसीसीआई की विशेष बैठक में औपचारिक तौर पर इसकी घोषणा की गई। वे निर्विरोध अध्यक्ष चुने गये। कोलकाता में बीते दिनों जगमोहन डालमिया के निधन के चलते यह सीट खाली हुई थी। बीसीसीआई के संविधान के मुताबिक 15 दिनों के भीतर नये अध्यक्ष की घोषणा के लिये बैठक की अधिसूचना जारी करना जरूरी होता है।


मनोहर के नाम का प्रस्ताव ईस्ट जोन के सभी छह संगठनों ने किया था। पूर्व प्रेसिडेंट और आईसीसी चेयरमैन एन. श्रीनिवासन भी टक्कर में थे, लेकिन वह अपना दावा नहीं पेश कर सके। शशांक मनोहर के लिए सौरव गांगुली, बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार ने पहल की, जिससे श्रीनिवासन गुट को बैकफुट पर जाना पड़ा।

इससे पहले बोर्ड सचिव अनुराग ठाकुर ने कहा कि मनोहर इस पद के लिये सबसे बेहतर व्यक्ति हैं। मनोहर को इस पद के लिए छह क्रिकेट एसोसिएशन पूर्वी क्षेत्र, बंगाल क्रिकेट संघ(कैब), ओडिशा, झारखंड, असम तथा त्रिपुरा क्रिकेट संघ का समर्थन हासिल था। इसके अलावा बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर और उनके खेमे का समर्थन भी मनोहर को हासिल था, जिससे एक बार फिर इस पद पर उनके चुने जाने का रास्ता साफ हो गया। सूत्रों के मुताबिक, अरुण जेटली और अनुराग ठाकुर के मनाने पर मनोहर फिर से पद संभालने को राजी हुए। शरद पवार की सहमति के बाद उनका पोस्ट संभालना तय हो गया।




नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक मनोहर ने क्या कहा
नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक मनोहर ने कहा कि बीते कुछ समय में क्रिकेट के प्रति लोगों का विश्वास डिगा है। हमारी पहली प्राथमिका बोर्ड की छवि को स्वच्छ बनाने की है।

क्या कहा सीएबी अध्यक्ष गांगुली ने
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कहा, "इससे पहले काफी महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने बोर्ड की अध्यक्षता की है और मनोहर ने भी इससे पहले इस पद पर रहते हुए बढ़िया काम किया था। मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार भी वह बढ़ियां काम करेंगे।" गांगुली ने कहा, "जैसा की आप सभी जानते हैं डालमिया के निधन के बाद हम सभी के सामने अनपेक्षित स्थितियां खड़ी हो गईं, इसलिए हम सभी के हित में जो हो वही कर रहे हैं।" सीएबी अध्यक्ष के रूप में अपनी नई भूमिका के बारे में गांगुली ने कहा, "मैं पिछले 12-13 महीने से सीएबी का सचिव रहा... मैं इसकी कभी कल्पना भी नहीं की थी। न ही मैं इन परिस्थितियों में अध्यक्ष बनना चाहता था। डालमिया मेरे लिए सिर्फ सीएबी के अध्यक्ष ही नहीं थे, मैं उन्हीं के सामने पला-बढ़ा।

बतौर बीसीसीआई अध्यक्ष ये मनोहर का दूसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले 2008 से 2011 के दौरान भी इस पद पर रह चुके हैं। जिसके बाद 2011 में एन श्रीनिवासन को बोर्ड का प्रमुख चुना गया। आईसीसी के मौजूदा चेयरमैन श्रीनिवासन को वर्ष 2013 में आईपीएल भ्रष्टाचार मामले में दामाद गुरूनाथ मयप्पन के शामिल पाए जाने के बाद जबरन इस पद से हटना पड़ा था और यही कारण है कि दिवंगत डालमिया के बाद बीसीसीआई की कुर्सी हासिल करने की पुरजोर कोशिश के बावजूद उन्हें इस रेस से हटना पड़ा।

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