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27 मार्च की महापंचायत पर दिल्ली पुलिस का बेरियर, अमित जानी को नहीं मिली अनुमति

 Special News Coverage |  25 March 2016 12:01 PM GMT


Amit Jani
नई दिल्ली
JNU छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ 27 मार्च को जंतर मंतर पर होने वाली महापंचायत अब खतरे में पड़ गयी है। दिल्ली पुलिस ने साफ़ इनकार करते हुए महापंचायत के आयोजन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।


दिल्ली पुलिस का यह इनकार सामाजिक कार्यकर्ता शाहीन खान के शिकायती पत्र के बाद सामने आया। कन्हैया कुमार द्वारा भारतीय सेना के खिलाफ की गयी टिपण्णी से गुस्साई उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना ने JNU छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के विरुद्ध 27 मार्च को जंतर मंतर पर महापंचायत की घोषणा की गयी थी।



इसी बीच आज सामाजिक कार्यकर्ता शाहीन खान ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार वर्मा से मुलाक़ात की और एक शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया कि अमित जानी जंतर मंतर पर हथियार बंद साथियो के साथ जमावड़ा लगाकर दिल्ली की कानून व्यवस्था को ख़राब करने की प्लानिंग कर रहे है।

शिकायत में कहा गया है कि अमित जानी द्वारा गैरकानूनी ढंग से कन्हैया कुमार को 31 मार्च तक दिल्ली छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है तथा न छोड़ने पे 31 मार्च के बाद खुलेआम हत्या की धमकी तक दी है। शाहीन खान ने शिकायत की कि जंतर मंतर की महापंचायत में भी अमित जानी द्वारा धमकी को दोहराया जाना स्वाभाविक है, जिससे भीड़ उत्तेजित हो सकती है और दिल्ली की कानून व्यवस्था पर संकट आ सकता है। शाहीन खान की शिकायत पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर द्वारा थाना जंतर मंतर को आदेशित किया है कि महापंचायत की अनुमति न दी जाए, साथ ही शाहीन खान के शिकायती पत्र में लगाये गए आरोपो की जांच के आदेश भी दिए गए है।

अमित ने कहा की जो बोला है करेंगे
मिली जानकारी के मुताबिक यदि 31 मार्च के बाद कन्हैया कुमार को अमित जानी द्वारा हत्या की दी गयी धमकी की बात में सत्यता पाई जाती है तो दिल्ली में उनके खिलाफ हत्या की धमकी की धाराओ में मुकदमा कायम हो सकता है। इस सम्बन्ध में जब उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि अनुमति देना न देना पुलिस का अधिकार है लेकिन उन्होंने जो घोषणा की है उसको वे जरूर पूरा करेंगे। अमित जानी ने कहा कि पुलिस महापंचायत रोक सकती है लेकिन कन्हैया को कोई पुलिस नहीं बचा पायेगी! हम 31 मार्च तक का इंतज़ार कर रहे है, जैसे ही 31 मार्च बीतेगा कन्हैया की समय सीमा खत्म हो जायेगी।

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