Top
Breaking News
Home > Archived > लोकायुक्त की नियुक्ति में दाग से यूपी में संवैधानिक संकट!

लोकायुक्त की नियुक्ति में 'दाग' से यूपी में संवैधानिक संकट!

 Special News Coverage |  19 Dec 2015 3:03 PM GMT





लखनऊः आज यूपी में लोकायुक्त की नियुक्ति पर घटे पल पल पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश बदलते रहे। अभी ताजी जानकारी के मुताबिक कल होने वाले लोकायुक्त वीरेंद्र सिंह पूर्व न्यायधीश की शपथ ग्रहण रोक दी गई है। इस पूरी घटना में सरकार संदेह की द्रष्टि से देखि जा रही है। इस पूरी घटना पर प्रदेश के प्रमुख सचिव सूर्यप्रताप सिंह ने अपनी वाल पर कुछ यूँ बयाँ की सरकार और लोकायुक्त की नियुक्ति की घटना।


IAS सूर्यप्रताप की वाल से


क्या राज्य सरकार के विरुद्ध झूठे तथ्य प्रस्तुत करने के लिए आपराधिक कार्यवाही की जा सकती है ?
उत्तर प्रदेश सरकार की धोखा-धडी उजागार- चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने बहुत गम्भीरता से लिया ! कल का शपथ-ग्रहण कार्यक्रम स्थगित !!

जस्टिस वीरेन्द्र सिंह(यादव) के लोकायुक्त नियुक्ति सम्बंधित अपने ही फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है अतः राजभवन में कल १०.३० बजे होने वाले यूपी के नए लोकायुक्त का शपथ ग्रहण कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। ज्ञात हो कि उक्त सम्बन्ध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिख कर कहा था कि वीरेन्द्र सिंह के नाम पर उनकी सहमति नहीं ली गई है। बताया जाता है कि इसे भी सुप्रीम कोर्ट ने गम्भीरता से लिया है।

यूपी सरकार को झटका, सुप्रीमकोर्ट ने खुद की लोकायुक्त की नियुक्ति

पीआईएल दाखिल करने वाले वकील सच्चिदानंद उर्फ सच्चे गुप्ता ने कहा, ”उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया" और छल से 'मनमाफिक' अभ्यर्थी व सत्ता पक्ष के कद्दावर नेता के सगे-सम्बन्धी जस्टिस वीरेन्द्र सिंह(यादव) में कामयाव हो गए (रिटायर्ड जस्टिस वीरेन्द्र सिंह(यादव) ही उ.प्र. सरकार की पहली पसंद थे।यहाँ तक कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के अभिमत/आपत्ति को भी सपा-बसपा गठजोड़ ने धता बता दी गयी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आपत्ति के महत्त्व को Undermine करना न केवल 'जुडिसियल सिस्टम' में जन-सामान्य के विश्वास को कम करना होता अपितु 'Incomplete Justice'(अधूरा न्याय) की और संकेत करता...ऐसा हम में से कई लोग मानते हैं।

दिल्ली को मिला लोकायुक्त, रेवा खेत्रपाल ने ली पद-गोपनीयता की शपथ

नवनियुक्त लोकायुक्त वीरेन्द्र सिंह यादव न सिर्फ सपा नेता शिवपाल सिंह यादव के रिश्तेदार हैं, वरन उनका पुत्र सपा का नेता (सपा उपाध्यक्ष सहारनपुर) भी है। जातीय तथा राजनीतिक संलिप्तता के अलावा सिंह के विरुद्ध कई संगठनों द्वारा कदाचार तथा भ्रष्टाचार की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा उनके नाम पर जोर दिये जाने से भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई की मंशा में संदेह होना स्वाभाविक है।" " उ.प्र. लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अनिल यादव द्वारा नियुक्तियों में जातीय आधार पर गड़बडि़यों के आरोप के बाद उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति को अवैध घोषित कर दिया था। नोएडा के माफिया इंजीनियर यादव सिंह को बचाने के लिए सपा तथा बसपा ने हाथ मिला लिया जिसमें केंद्र की भाजपा सरकार सीबीआई तथा ईडी के माध्यम से सहयोग दे रही है।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story
Share it