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अरुणाचल: तवांग में भीषण भूस्खलन से 17 लोगों की मौत, NDRF की टीमें रवाना

 Special News Coverage |  22 April 2016 8:20 AM GMT

अरुणाचल: तवांग में भीषण भूस्खलन से 17 लोगों की मौत, NDRF की टीमें रवाना

अरुणाचल प्रदेश: पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले के फामला गांव में भीषण भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। इस हादसे में कम से कम 17 लोगों की मौत‍ हो चुकी है जबकि कई लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि भूस्खलन के मलबे में अभी भी कुछ लोग दबे हुए हैं जिन्हें निकालने का काम जारी है।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे के तुरंत बाद स्‍थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी जिसके बाद राहत व बचाव दल मौके पर पहुंचा और दबे लोगों को निकालने के काम में लग गया। इसके अलावा बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए एनडीआरएफ की दो टीमों को भी घटनास्थल की ओर रवाना कर दिया गया है।


सूत्रों के अनुसार अरुणाचल प्रदेश के तवांग में शुक्रवार तड़के बादल फटने के बाद भीषण भूस्खलन हुआ है। इस दौरान लोग अपने घरों में सो रहे थे। 17 लोग मारे गए हैं और कई लोग अब भी मलबे में फंसे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक मारे गए लोग पड़ोसी राज्यों से आए मजदूर थे जो एक फाइव स्टार होटल की कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कर रहे थे। अफसरों ने कहा है कि लोगों को मलबे से निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यु में जुटी है।

इस बीच अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कलिखो पुल ने तवांग के डेप्युटी कमिश्नर से भूस्खलन पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बता दें तवांग के अलग-अलग हिस्सों से बारिश के कारण भूस्खलन की रिपोर्टें आ रही हैं। कई जगहों पर बिजली के खम्भे गिर गए हैं और पानी की आपूर्ति बाधित हुई है।

बता दें लैंडस्लाइड के लिहाज से तवांग हिमालय का सबसे सेंसटिव इलाका माना जाता है। अरुणाचल का तवांग जिला तिब्बत और भूटान की बॉर्डर पर स्थित है। हिमालय में 3500 मीटर ऊंचाई पर है। यहां 10 हजार फीट की ऊंचाई पर भारत का पहला और एशिया का दूसरा बड़ा बौद्ध मठ है। इसे मेराक लामा लोड्रे ने 1861 में बनाया था।

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