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बिहार: शराबियों की हालत खराब, खा रहे है "साबुन"

 Special News Coverage |  6 April 2016 6:50 AM GMT

बिहार: शराबियों की हालत खराब, खा रहे है
पटना: बिहार में नीतीश कुमार ने देसी-विदेशी शराब खरीद, बेच या पीने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। फैसले का महिलाओं ने स्वागत किया है। शराब पर बैन से रोज पीने वाले परेशान हैं। शराब न मिलने से कुछ लोग तो बीमार होने लगे हैं। बेतिया में अजीब घटना सामने आई गैसुद्दीन (45) 20 सालों वर्षों से देसी शराब पी रहे थे। पिछले दो दिनों से उन्हें शराब नहीं मिली तो वे पागलों जैसा बर्ताव करने लगे। अचानक घर में रखे साबुन खाने लगे। बेतिया के ही एमजेके हॉस्पिटल में नशा मुक्ति केंद्र में उन्हें एडमिट कराया गया है।


मोतिहारी के चैनपुर निवासी 50 साल के रघुनंदन बेसरा पर बैन जैसे कहर बनकर टूटा है। रघुनंदन पिछले दो दिनों से शराब के लिए बेचैन थे। मंगलवार को ये बेचैनी इस कदर बढ़ी कि वे बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। सीवान के नशा मुक्ति केंद्र में नौ नए मरीजों को एडमिट कराया गया। पिछले पांच दिन में यहां 54 मरीज लाए जा चुके हैं। इनमें से दो की हालत बिगड़ गई है। उन्हें पीएमसीएच रेफर किया गया है। बाकी का इलाज अभी चल रहा है।

मुजफ्फरपुर के आर्मी कैंटीन में भी मंगलवार को शराब नहीं मिली। शराब के लिए बड़ी संख्या में रिटायर्ड फौजी कैंटीन पहुंचे थे। जब उन्हें पता चला कि यहां शराब नहीं मिल रही है तो वे हंगामा करने लगे। किसी तरह उन्हें समझाया गया। सरकार ने कहा कि आर्मी कैंटीन में पहले की तरह शराब मिलती रहेगी।

ऋषि कपूर ने ट्वीट कर कहा, वाह नीतीश शराब के लिए दस साल की सजा और हथियार रखने के लिए पांच साल, इस तरह बिहार को फायदा से ज्यादा नुकसान होगा। अवैध शराब का धंधा बढ़ेगा। दुनिया भर में शराबबंदी फेल रही है। जागो, आपको 3000 करोड़ रुपए रेवन्यू का भी नुकसान होगा।

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