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कोर्ट ने बाहुबली अनंत सिंह को चुनाव लड़ने की दी अनुमति, 8 अक्टूबर को करेंगे नामांकन

 Special News Coverage |  2 Oct 2015 1:18 PM GMT

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पटना : जदयू के पूर्व विधायक अनंत सिंह को मोकामा विधानसभा से चुनाव लड़ने की अनुमति पटना सिविल कोर्ट ने दे दी है। अनंत सिंह फिलहाल पटना के बेउर जेल में बंद हैं। अनंत सिंह जेल से ही 8 अक्टूबर को अपना नामांकन भरने जाएंगे। अनंत सिंह अपहरण के एक मामले में फिलहाल जेल में बंद हैं। अनंत सिंह इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

बिहार में लोगों के बीच 'छोटे सरकार' के नाम से मशहूर बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने भले ही जेल में बंद हैं, लेकिन उनके समर्थक लगातार मोकामा में प्रचार कर रहे हैं। दो माह पहले मोकामा में कई जगहों पर समर्थकों ने अनंत सिंह का पोस्टर भी लगाया था।


अनंत सिंह के चुनाव लड़ने से मोकामा विधानसभा सीट के लिए मुकाबला कड़ा हो गया है। जदयू ने यहां से अपने प्रवक्ता नीरज कुमार को टिकट दिया है। वहीं, एनडीए की तरफ से लोजपा ने यहां से कन्हैया सिंह को उतारा है।



अनंत सिंह का अब तक सफर
4 भाई में सबसे छोटे अनंत सिंह का बचपन भी खतरनाक तरीके से बीता। पढ़ाई-लिखाई की उम्र में अनंत सिंह ने बाढ़ और मोकामा क्षेत्र के ताल एरिया में हो रही फसल की चोरी को रोकने के लिए कमर कसी। जिसके चलते पढ़ने और खेलने की उम्र में जाना पड़ा जेल। 9 साल की उम्र में अनंत सिंह को एक मामूली केस में जेल जाना पड़ा था। जेल से लौटने के बाद अनंत सिंह ने ताल में डेरा जमाया और एक भी फसल की चोरी नहीं होने दी।

अनंत सिंह ने अपने बड़े भाई दिलीप सिंह को चुनाव लड़ाने का फैसला किया। 1990 में हुए विधानसभा चुनाव में बड़े भाई को मोकामा से जीत हासिल हुई। हालांकि, 2000 चुनाव में दिलीप सिंह को अपने दुश्मन और पुराने शागिर्द सूरजभान से करारी हार मिली।

2005 के चुनाव के समय अनंत सिंह जेल में थे। इस दौरान एसटीएफ की टीम ने उनके घर छापा मारा। अनंत सिंह के गुर्गों ने इस छापे का विरोध किया। जिसमें दोनों तरफ से 8 घंटे तक जमकर गोलियां चलीं। एसटीएफ के एक जवान सहित 8 लोग मारे गए। लेकिन जेल में रहकर भी अनंत सिंह ने चुनाव में जीत हासिल की।



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2007 में जानवरों के मेले में वह लालू यादव का घोड़ा लेकर पहुंचे थे। अनंत सिंह को पता था कि लालू उन्हें अपना घोड़ा नहीं बेचेंगे, इसलिए उन्होंने किसी और के जरिए घोड़ा खरीदा था। अजगर पालने जैसी अपनी सनक के लिए चर्चित ये विधायक महोदय पहले भी कई विवादों में फंस चुके हैं। मसलन, दूसरे की मर्सडीज का मनमाने ढंग से दबावपूर्वक इस्तेमाल करना या फिर एक कार्यक्रम के दौरान हवाई फायरिंग करना भी उनके रिकॉर्ड में दर्ज है।

अनंत ने पेट्रोल बचाने के लि‍ए अपने मर्सडीज छोड़कर घोड़ा-बग्‍गी चलाई। हमेशा वि‍वादों में घि‍रे रहने वाले अनंत सिंह ने वि‍धानसभा जाने के लि‍ए घोड़ा-बग्‍गी का इस्‍तेमाल कि‍या।

अनंत सिंह का कहना था कि मैंने अपने लि‍ए ये बग्‍गी दि‍ल्‍ली में बनवाई थी, इसे कुछ साल पहले मैंने घर मंगवाया। इसके बाद से लगातार मैं घोड़ा-बग्‍गी चलाता रहता हूं, क्‍योंकि इसमें पेट्रोल की जरूरत नहीं होती।

विधायक बनने के पांच साल बाद ही अनंत सिंह की संपत्ति कई गुना बढ़ गई। 2005 में अनंत सिंह ने अपने चुनावी हलफनामे में 3.40 लाख रुपए की संपत्ति होने की घोषणा की थी, जो 2010 में बढ़कर 38.84 लाख रुपए तक पहुंच गई। अब तक अमीर बनने को लेकर किसी तरह का सवाल नहीं किया गया है।


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