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नीली आंखों वाले टाइगर की मौत, डायरेक्टर दिल्ली तलब

 Special News Coverage |  14 April 2016 12:00 PM GMT

नीली आंखों वाले टाइगर की मौत, डायरेक्टर दिल्ली तलब

भोपाल: बांधवगढ़ में नीली आंखों वाले बाघ की मौत के मामले में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने संज्ञान लिया है। प्राधिकरण ने पार्क प्रबंधन के जिम्मेदरों को दिल्ली तलब किया है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में दवा का ओवर डोज देने से दुर्लभ बाघ की मौत का मामला सामने आया था। जिसके बाद पार्क प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगने लगे थे। डायरेक्टर कैलाश बांगर बाघ से जुड़े फोटोग्राफ और वीडियो रिकॉर्डिंग लेकर दिल्ली गए हैं। जहां वे प्राधिकरण को सफाई देंगे।


फील्ड डायरेक्टर के रमन का दावा है कि ब्लू आई टाइगर की गर्दन, आंखों के ऊपर तथा कंधे पर चोट के कई निशान मिले हैं। टाइगर रिजर्व के वेटरिनरी डॉक्टर नितिन गुप्ता का भी यही कहना है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक बाघ को शनिवार को डेक्सामेथोसोन और एंटीबायोटिक के तौर पर सेफालोसपोर्न इंतेफा-टीजो दी गई थी। इसके बाद उसकी सांसें भारी हुईं थी।

वह सामान्य रूप से मूवमेंट में दिक्कत महसूस कर रहा था। लेकिन यह इलाज का हिस्सा था। रविवार को वह मिला तो मूवमेंट नहीं कर रहा था। सुबह रेस्क्यू टीम पहुंची और इलाज भी किया, लेकिन दोपहर देखा तो उसकी मौत हो गई थी।

के रमन का कहना है कि धमोखर रेंज के पास के गांव वालों ने एक दूसरे टाइगर को देखा है। इससे टेरिटोरियल फाइट की जानकारी मिल रही है। एनटीसीए के प्रतिनिधियों के सामने यह जानकारी मिली है। पोस्टमार्टम में टेरिटोरियल फाइट की पुष्टि हुई है, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण का पता चलेगा।

बता दें कि एक दिन पहले इसी बाघ के हमले से संयुक्त संचालक केपी बांगड़ और रेंज अधिकारी ओपी भलावी मामूली रूप से घायल हुए थे। आमतौर पर सफेद बाघ के जिंस में ही यह मिलता है कि आंखें ब्लू जैसी दिखाई दें, लेकिन बांधवगढ़ के इस टाइगर की आंखें भी ब्लू जैसी ही दिखाई देती थी। वन विभाग का अमला व टाइगर रिजर्व के गाइड इसे ब्लू आई टाइगर कहते थे।

बांधवगढ़ पहुंचने वाले देसी व विदेशी पर्यटकों के बीच भी यह इसी रूप में फेमस था। चूंकि यह कोर एरिया की बजाए बफर में घूमता था और उम्र दराज हो गया था, इसलिए पर्यटकों को यह आसानी से दिखाई देता था। गांवों के करीब रहने के कारण यह पर्यटकों के सामने भी रुक जाता था। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की यह पहचान हो गया था।

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