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शहीद बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट को 4 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, नही रुके आंसू

 Special News Coverage |  23 Dec 2015 1:52 PM GMT


shahid
हरिद्वारः दिल्ली में मंगलवार को हुई हवाई दुर्घटना में शहीद हुए बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट और पायलट भगवती प्रसाद भट्ट के पार्थिव शरीर को बुधवार को दिल्ली से हरिद्वार लाया गया। यहां खडखड़ी शमशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ बीएसएफ ने अपने जांबाज को अंतिम विदाई दी। भगवती की चिता को उनके भतीजे अभिषेक ने 4 साल के बेटे वरण्य के साथ मुखाग्नि दी।

इस शोक की घड़ी में एडीजी अशोक कुमार, कमांडेंट बीएसएफ भूपेंद्र कुमार, जिलाधिकारी हरबंस चुघ, एसएसपी सेंथिल आबुदाई सहित कई नेता उपस्थित रहे। दिवंगत भगवती रुद्रप्रयाग घाटी से पायलट बनने वाला पहले और अकेले व्यक्ति थे। वे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक मिसाल और प्रेरणा के स्रोत थे.

भगवती के बड़े भाई देवेंद्र भट्ट का कहना है कि वो चार भाई थे, एक भाई की पहले ही मौत हो चुकी थी जबकि भगवती सबसे छोटा था. उन्होंने कहा कि वो बचपन से ही मेहनती था, वो हर किसी के लिए मिसाल था। साथ ही कहा कि वो बच्चे को एक अच्छा इंसान बनाना चाहता था और खुद एक बहादुर इंसान था।

बीएसएफ में चार साल सेवा देने वाले वर्तमान में उत्तराखंड के एडीजी अशोक कुमार इस दुर्घटना से खास आहत नजर आए। अशोक कुमार का कहना है कि ये एक बड़ी क्षति है और एक साथ दस लोग काल के गाल में समा गए। उन्होंने कहा कि इस क्षति को पूरा नहीं किया जा सकता।
भगवती की पत्नी बच्चों को शादी से पहले पढ़ाया करती थी। बीएसएफ के डोईवाला रेंज के कमांडेंट भूपेंद्र कुमार का कहना है की भगवती उनके एक बेहतरीन पायलट थे। वे सभी का ख्याल रखते थे. उन्होंने कहा कि उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता।


बीएसएफ ने अपने शहीद सपूत को 24 राउंड फायर से अंतिम विदाई दी। जिस समय बीएसएफ की मातमी धुन बजी, शमशान में हर एक आंख नम हो गई। अपनी जान की आहुति देकर सैकड़ों लोगों की जान और एक बड़ी तबाही को बचाने वाले उत्तराखंड के इस वीर सपूत को भारत हमेशा याद रखेगा।

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