Home > Archived > दिल्ली में तम्बाकू, गुटखा, पान मसाला बैन, हाईकोर्ट ने लगाया रोक

दिल्ली में तम्बाकू, गुटखा, पान मसाला बैन, हाईकोर्ट ने लगाया रोक

 Special News Coverage |  15 April 2016 6:08 AM GMT

दिल्ली में तम्बाकू, गुटखा, पान मसाला बैन, हाईकोर्ट ने लगाया रोक

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राजधानी में तम्बाकू, गुटखा, पान मसाला या कोई भी चबाने वाला तम्बाकू उत्पाद बेचने, रखने या बनाने पर अगले एक साल तक प्रतिबंध लगा दिया है। दिल्ली के फूड सेफ्टी कमिश्नर ने इसे लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है।

13 अप्रैल के इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि जनता के स्वास्थ्य के मद्देनजर जनहित में अगले एक साल के लिए यह प्रतिबंध लगाया जा रहा है, लेकिन जब दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से इस बारे में पूछ गया तो उन्होंने बताया कि "पिछले तम्बाकू बैन को लेकर सरकार ने जो नोटिफिकेश निकाला था ये केवल उसका एक्सटेंशन है क्योंकि नोटिफिकेशन का समय खत्म हो रहा था। सरकार के इस नोटिफिकेशन का कोई मतलब फिलहाल नहीं निकलता, क्योंकि इस तरह का नोटिफिकेशन तो मार्च 2015 में भी हुआ था, जिसे कई तंबाकू कंपनियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और कहा था कि दिल्ली सरकार नहीं बल्कि सेंट्रल एक्ट के तहत ये अधिकार केंद्र को है।


जिसके बाद इस पर हाईकोर्ट ने किसी भी एक्शन पर रोक लगा दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट में मामला चल रहा है और अगली तारीख जुलाई में है। अंतरिम रोक भी बरकरार है। ऐसे में यह सिर्फ पिछले साल जारी हुए नोटिफिकेशन का एक साल का और एक्सटेंशन है। यह पूछे जाने पर कि क्या ये नोटिफिकेशन सरकार की और से कागजी कार्रवाई है सत्येंद्र जैन बोले, वो आप जो मर्ज़ी चाहें शब्द इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन हम कोर्ट के आदेश का पूरा सम्मान करते हैं।

बल्लभ भाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट में सन तंत्रिका, पेफड़े, फफूदी, एलर्जी विभाग के अध्यक्ष डा राजकुमार सिगरेट के धुएं में सैकड़ों जहरीले केमिकल और जहरीले गैस होती हैं जो कैंसर के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसके अलावा इनसे हार्ट डिजीज, एलर्जी, सांस लेने की बीमारी, बीपी की समस्या भी हो सकती है। सिगरेट पीने वालों में सांस की बीमारी, बीपी की समस्या भी हो सकती है। सिगरेट के धुएं में टार होता है, जिसमें ४ हजार से ज्यादा खतरनाक केमिकल होते हैं। इनमें से ४३ केमिकल तो ऐसे हैं जिनसे कैंसर हो सकता है। इसके अलावा सिगरेट के धुएं में नाइट्रोजन डाई आक्साइड और कार्बन मोनोक्साइड जैसी जहरीली गैसे भी होती हैं, जो सीधे तौर पर फेफड़ों में पहुंचकर ब्लड को भी प्रभावित करती हैं। धुएं में सबसे ज्यादा मात्रा में निकोटिन होता है, जिसकी लत लग जाती है।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story
Share it
Top