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डीजीपी और आइजी को बुलाने के बाद भी बड़ी मुश्किल से दस सीट जीते - बृजलाल सोनकर

 Special News Coverage |  9 Feb 2016 3:33 AM GMT

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आजमगढ़
हार से तिलमिलाये सपाई सोमवार को नेहरू हाल में हुई एमएलसी चुनाव की समीक्षा बैठक में आपस में ही भिड़ गये। ब्लाक प्रमुख चुनाव में कराई शिकस्त सपाइयों के गले नहीं उतर रही। आरोप प्रत्यारोप का दौरा शुरू हुआ तो मेंहनगर विधायक ने यहां तक कह डाला कि डीजीपी और आइजी तक को बुलाने के बाद भी चुनाव हारे हैं यदि प्रशासन पर नकेल नहीं लगी तो एमएलसी भी हारेंगे।

विधायक बड़ी मुश्किल से जान बचाकर भागे
यहीं नहीं विरोध इस कदर बढ़ गया ऊर्जा राज्य मंत्री और मेंहनगर विधायक में तीखी नोकझोंक शुरू हो गयी। सपा जिलाध्यक्ष को बीच बचाव करना पड़ा। इसके बाद मेंहनगर और फूलपुर विधायक अपने समर्थकों के साथ बैठक से वाकआउट कर गये। यह अलग बात है कि मीडिया के पूछने पर मेंहनगर विधायक ने बैठक बीच में छोड़ने का कारण पोस्टमार्टम हाउस जाना बता दिया। बैठक अभी शुरू ही हुई थी कि मेंहनगर विधायक बृजलाल सोनकर ने कहा कि पूरे चुनाव में प्रशासन और पुलिस विपक्ष के साथ रही। हम डीजीपी और आइजी को बुलाने के बाद भी बड़ी मुश्किल से दस सीट जीते। यदि पल्हना में पूरी मेंहनत बेकार गयी। इतनी मेंहनत के बाद परिणाम टाई हुआ और प्रशासन ने विपक्ष को जिता दिया। प्रशासन गुंडे और माफियाओं के सामने बेबस था। पल्हना में हुए पथराव में हम और लालगंज विधायक बेचई सरोज बड़ी मुश्किल से जान बचाकर भागे। यदि प्रशासन का यही रवैया रहा तो हम एमएलसी चुनाव में जो निर्विरोध निर्वाचन का सपना देख रहे हैं सपना ही रहेगा और यह चुनाव भी हम हारेंगें। बृजलाल सोनकर की बात का समर्थन फूलपुर विधायक श्याम बहादुर यादव ने भी किया। इसके बाद ऊर्जा राज्य मंत्री वसीम अहमद ने दोनों का विरोध किया तो नोकझोक शुरू हो गयी। नोकझोंक इतनी बढ गयी कि जिलाध्यक्ष हवलदार यादव को बीच बचाव करना पड़़ा। जिलाध्यक्ष के बीच में आने के बाद दोनों विधायक अपने समर्थकों के साथ बैठक से वाकआउट कर गये।



सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने विवाद पर तो कोई टिप्पणी नहीं की इतना जरूर कहा कि कौन कहता है कि हम ब्लाक प्रमुख चुनाव हारेे है। सबसे अधिक हमारे प्रमुख चुने गये है। हम नहीं जीते तो क्या भाजपा और बसपा जीती है। यह बैठक एमएलसी चुनाव की रणनीति के लिए बुलाई गई थी। इसमें पार्टी प्रत्याशी के जीत की रणनीति तय की गयी है।


वर्ष 2017 में सपा एक सीट के लिए तरस जायेगी
भाजपा के पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष ने चुनाव में नंगा नाच किया है। इसके बाद उन्हें दस सीट मिली है। यदि इमानदारी से लड़ते तो एक सीट भी नहीं मिलती। जिस तरह सत्ता का दुरूपयोग हुआ है अगर उतनी छूट मुझे मिले तो 22 की 22 सीट जीत के दिखा देता लेकिन क्या करू सत्ता का दुरूयोग और लोकतंत्र की हत्या मुझे नहीं आती है। वर्ष 2017 में सपा एक सीट के लिए तरस जायेगी।

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