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हरियाणा में गोमांस को लेकर पुलिस और ग्रामीणों में टकराव

 Special News Coverage |  3 Dec 2015 3:04 PM GMT



पलवल: पशु मांस भरकर ले जा रहे कैंटर के विरोध में आज लोगों ने करीब छह घंटे तक जाम लगा रहा। पुलिस ने विरोध कर रहे ग्रामीणों पर जमकर लाठियां भांजी और हवाई फायर किए। विरोध में लोगों ने भी पुलिस पर पत्थर बरसाए। मौके पर प्रशासन के आला अधिकारी पहुंचे।

गुरुवार की सुबह करीब आठ बजे स्थानीय लोगों को सूचना मिली कि एक कैंटर में पशु मांस भर ले जाया जा रहा है। लोगों ने कैंटर को शमशाबाद के नजदीक अलीगढ़ रोड़ पर पकड़ लिया और चालक की उसकी धुनाई कर कैंटर को तोड़ दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक लोगों ने अलीगढ़ रोड़ को बिल्कुल बंद कर दिया। पुलिस ने मामले की सूचना एसपी व डीसी को दी। डीसी ने लोगों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया,लेकिन लोगों ने एक नहीं सुनी और पुलिस व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। अधिकारियों के काफी समझाने के बावजूद लोगों ने एक नहीं सुनी।



वहां मौजूद लोगों ने प्रशासन के अधिकारियों से मांग की कि जो लोग पशु मांस की तस्करी कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की ए और ये जहां से आया है उस जगह को सील किया जाए। उसके बाद उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए जिन्होंने इस कैंटर को निकाला है। लोगों का आरोप था कि पुलिस ने पांच हजार रुपये लेकर इस कैंटर को निकाला है।


पुलिस के आला अधिकारियों ने उनकी इन मांगों को नहीं माना और लोग ज्यादा भडक़ गए। उनके भडक़ने पर पुलिस ने लोगों पर लाठी चार्ज कर दिया और हवाई फायर के साथ-साथ आंसू गैस के गोले छोड़े। जब लोगों पर लाठी चार्ज व गोली चलाई गईं तो उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया। मौके पर खड़े कई वाहनों को तोड़ दिया गया।



पुलिस की तरफ से भी पथराव शुरू हो गया, इस पथराव के दौरान दोनों तरफ से लोग घायल हो गए। कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। इनमें बहीन थाना एसएचओ जितेंद्र ढांडा, सब इंस्पेक्टर रमेशचंद, आजाद सिंह, ओमप्रकाश, सतबीर आदि शामिल हैं। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया। घायल लोगों की पहचान नहीं हो सकी है।

करीब तीन घंटे चले पुलिस व लोगों के बीच इस पथराव के दौरान पुलिस की तरफ से कई दर्जन हवाई फायर किए,लेकिन लोगों का गुस्सा ठंडा नहीं हुआ। मौके पर आरएएफ फोर्स को बुलाया गया, उसके बाद भी लोग शांत नहीं हुए। आखिर प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को बातचीत करने के लिए बुलाया। लोगों ने उनके सामने अपनी कुछ मांगें रखीं।





इन मांगों में पुलिस की तरफ से किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए,पशु मांस का कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए,जिन पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से ये कैंटर निकला गया है उन्हें सस्पेंड किया जाए। मौके पर पहुंचे डीसी अशोक कुमार मीणा और एसपी राजेश दुग्गल ने लोगों की सारी मांगें मान ली। इस आश्वासन पर लोगों का गुस्सा ठंडा हो गया और जाम खोल दिया गया। लोगों ने जिला प्रशासन को भविष्य के लिए चेतावनी दी कि अगर एेसा मामला कभी हुआ तो वो जमकर आंदोलन करेंगे।

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